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राम मंदिर पर सियासत तेज, योगी आदित्यनाथ समेत बीजेपी के इन नेताओं ने दिए बड़े बयान

चुनावों के नजदीक आते ही एक बार फिर राम मंदिर का मुद्दा राजनीति के गलियारे में गूंजने लगा है. हालांकि मामला सुप्रीम कोर्ट में होने के बावजूद हर पार्टी इसे भुनाने में लगी है. खास तौर से बीजेपी. दरअसल, बीते दिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजस्थान में एक चुनावी रैली के दौरान कहा कि राम मंदिर निर्माण का काम जल्द शुरू होगा. साथ ही उन्होंने देश भर के लोगों से अपील की है कि राम मंदिर निर्माण के लिए वे 6 नवंबर को अपने घरों में प्रभु राम के नाम का एक दीपक जलाएं.

आपको बता दें कि योगी आदित्यनाथ अकेले नहीं है जिन्होंने राम मंदिर पर बड़ा बयान दिया हो, इससे पहले केंन्द्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा है कि राम मंदिर उनका सपना है वो इसके लिए वो हर प्रयास करेंगी. उन्होंने कहा “राम जन्मभूमि आंदोलन में मैं सक्रिय रूप से भागीदार थी, इससे जुड़ा एक मामला भी अभी चल ही रहा है, और मुझे इस पर गर्व है, राम मंदिर का निर्माण मेरा सपना है और मेरी तरफ से इसके लिए जो बन पड़ेगा मैं करूंगी.” बता दें कि उमा भारत लंबे समय से राम मंदिर आंदोलन से जुड़ी रहीं हैं.

इतना ही नहीं केंद्रीय मंत्री और पाली से बीजेपी के सांसद पीपी चौधरी ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण होना चाहिए और यदि इसमें न्यायिक देरी होती है तो कानून बनाया जा सकता है. पीपी चौधरी ने कहा, “मामला सुप्रीम कोर्ट में है और हम चाहते हैं कि इस पर फैसला जल्द आए, मैं सरकार के बारे में नहीं कह सकता लेकिन मेरी निजी राय है कि यदि न्याय प्रक्रिया में देरी होती है तो कानून बनाया जा सकता है.

इधर आरएसएस ने जैसे ही मंदिर निर्माण के लिए 1992 जैसे आंदोलन की पैरवी की संतों ने हलचलें तेज कर दी. दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम देश भर से 3 हजार संत जुटे हैं. संतों के इस जमावड़े को धर्मादेश संत महासम्मेलन नाम दिया गया है. इस कार्यक्रम का आज दूसरा दिन है. इस कार्यक्रम से पहले राम मंदिर न्यास के सदस्य रामविलास वेदांती ने कहा कि आपसी सहमति से दिसंबर में भी राम मंदिर का निर्माण शुरू होगा.

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