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धनतेरस 2018-जानें भगवान धनवंतरि के बारे में और पूजा का महत्व

धनतेरस से दीवाली का त्यौहार शुरू हो जाता है और भाई दूज तक चलता है। कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धन की देवी के उत्सव का प्रारंभ होने के कारण इस दिन को धनतेरस के नाम से जाना जाता है।  

अधिकतर लोगों को धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदने के बारे में तो पता होता है लेकिन यह नहीं पता कि इस दिन धनिया के बीज खरीदने की परंपरा है। इस दिन धनिया खरीदना बहुत शुभ माना जाता है। इसे समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। साबुत धनिया धन की वर्षा करता है।

कौन है भगवान धनवंतरी…

धनतेरस के दिन आयुर्वेद के जनक भगवान धनवंतरी का जन्मदिन मनाया जाता है। आयुर्वेद  संसार की सबसे पुरानी शिक्षा पध्दति है। संसार में आयुर्वेद के प्रसार के लिए समुद्र मंथन को दौरान भगवान धनवंतरी प्रकट हुए थे। धनवंतरी जी को भगवान विष्णु जी का अवतार माना जाता है। 

जिस दिन समुद्र मंथन के दौरान भगवान धनवंतरी प्रकट हुए, उस दिन कार्तिक माह की त्रयोदशी तिथि थी। इसलिए इस तिथि को भगवान धनवंतरी की पूजा कर आरोग्य और स्वास्थ्य ,धन की प्रार्थना की जाती है। 

भगवान धनवंतरी चार भुजाधारी है। इनके एक हाथ में आयुर्वेद ग्रंथ, एक हाथ में औषधि कलश , एक हाथ में जड़ी बूटी, और एक हाथ में शंख होता है। ये प्राणियों पर कृपा कर आरोग्या प्रदान करते हैं। इसलिए धनतेरस पर केवल धन प्राप्ति की कामना ना करें, स्वास्थ्य धन प्राप्ति के लिए भी भगवान धनवंतरी की पूजा करें। 

कैसे करें पूजा

सबसे पहले मिट्टी का हाथी और धन्वंतरि भगवानजी की फोटो स्थापित करें।

चांदी या तांबे के छोटे चम्मच से जल अर्पित करें।

भगवान गणेश का ध्यान और पूजन करें।

हाथ में अक्षत-फूल लेकर भगवान धन्वंतरि का ध्यान करें। 

 

Infotainment Desk

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

                                                                                                                                                                 

                                                                                                                                                                                               

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