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भारत बंद के दौरान जल उठा देश..प्रशासन फ़ेल, दंगाइयों ने बिगाड़ा देश का भेष

जल उठा देश

सुप्रीम कोर्ट का एक फैसला और भारत हिंसा की आग में जल उठा. उत्तर भारत इस हिंसा का मुख्य केंद्र रहा और मंजर सिर्फ तबाही का. SC/ST एक्ट में सुप्रीम ने बदलाव किया जिसको लेकर दलित संगठनों ने कल यानी 2 अप्रैल के दिन भारत को बंद रखा. लेकिन ये भारत बंद ऐसी हिंसा की चपेट में आ गया और कई लोगों की जान चली जाएंगी ये जहन में भी नहीं आया था.

क्या उत्तर प्रदेश, क्या मध्यप्रदेश और क्या हरियाणा पंजाब…तस्वीरें कमोबेश एक जैसी ही थी मतलब गाड़ियों में आग, रेल रोकना और चारों तरफ पथराव का माहौल. तस्वीर देखकर आप भी हैरान रह जाएंगे कि आखिर हमारे भारत में हो क्या रहा है.

देशभर में भड़की हिंसा में एक बच्चे समेत 11 लोगों की जान चली गई. मध्यप्रदेश और राजस्थान में हालात सबसे खराब रहे. एमपी में 7, उत्तर प्रदेश में 2 और राजस्थान में 1 व्यक्ति की मौत हो गई.

बहरहाल भारत आज बंद नहीं है, लेकिन क्या कल सच में भारत बंद था या फिर प्रायोजित ढंग से इस घटना को मुकाम तक पहुंचाया गया. गौरतलब है कि जब सरकार और प्रशासन को भारत बंद का पता था तो जरूरत के हिसाब से पुख्ता इंतज़ाम क्यों नहीं किए गए. क्यों लापरवाही बरती गई जिसके कारण हालात बद से बत्तर हो गए.

 

सौ.गूगल

उत्तर प्रदेश

-राज्य में 2 की मौत , 3 घायल

-हिंसा पर 1,000 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

-30 लोगों को हिरासत में लिया गया

 

राजस्थान

-1 व्यक्ति की मौत

 

बिहार

-अस्पताल न पहुंचने से नवजात की मौत

-3,619 लोग गिरफ्तार

 

 

मध्यप्रदेश

-मरने वालों की संख्या 7

 

उत्तराखंड

-देहरादून में प्रदर्शनकारियों ने जबरदस्ती दुकानों को बंद कराया.

 

हरियाणा

-पलवल में नेशनल हाइवे-2 पर पुलिस और प्रदर्शनकारी भीड़ के बीच संघर्ष

-जमकर पथराव हुआ

-कई लोग हिरासत में

सौ.गूगल

 

ये ऊपद दिए गए आंकड़े बस समझाने के लिए हैं हकीकत इससे भी भयावह है. अब तकरीबन हिंसा शांत हो चुकी है. सब अपने अपने काम में लग गए हैं. लेकिन सोचने वाली बात ये है कि आखिर जो कल हुआ क्या उसकी जरुरत सच में थी या फिर उसको टाला जा सकता था. कह सकते हैं कि इस घटना के बाद भी कुछ नहीं बदलेगा. जैसे जाटों का आंदोलन हो या राम रहीम केस के दौरान भड़की हिंसा हो या करणी सेना का उत्पाद. अगर पहले ही ऐसी घटनाओं से सबक ले लिया होता तो शायद आज तस्वीर कुछ और होती.

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