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‘राम नाम’ की गंगा में हाथ धो रहें है नेता, लेकिन नहीं पता तो बस

राम

राम मंदिर निर्माण की मांग अब पूरे देश में गूंजने लगी है. इसी कड़ी में आज दिल्ली में ”रामलला हम आएंगे मंदिर वहीं बनाएंगे’ के नारे के साथ 3000 हजारे से ज्यादा साधू – संत एकत्रित हुए हैं और लगातार सरकार से राम मंदिर बनाने की मांग कर रहे है। इन सब के बीच  राम जन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य डॉ. रामविलास वेदांती का एक ऐसा बयान सामने आया है जिसने पूरे देश में हलचल मचा दी है।

दरअसल, वेदांती ने अपने बयान में कहा है कि राम मंदिर का निर्माण कार्य दिसंबर के अंत तक शुरु हो जायेगा। उन्होंने साथ ही कहा कि राम मंदिर का निर्माण अयोध्या में होगा साथ ही लखनऊ में मस्जिद का निर्माण होगा।

उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए किसी भी बिल या अध्यादेश और कोर्ट के आदेश की ज़रुरत नही है महंत के अनुसार मंदिर आपसी भाईचारे और सद्भावना के सात बनाया जायेगा।

वेदांती द्वारा मस्जिद का जिक्र किये जाने पर उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा। अचानक मंच से संत हंसदेवाचार्य ने कहा कि मस्जिद किसी भी हालात में नहीं बनेगी। बस मंदिर बनेंगे और आप आइंदा ये मत कहना कि मस्जिद बनाएंगे। साम्प्रदायिक सौहार्द दोनों तरफ से होना चाहिए. न झुकेंगे, न रुकेंगे, बस मंदिर वहीं बनाएंगे।

योगगुरु बाबा रामदेव ने आज राम मंदिर के सवाल पर कहा, ”यदि न्यायालय के निर्णय में देर हुई तो संसद में जरूर इसपर बिल आएगा और आना ही चाहिए। राम जन्मभूमि पर राम मंदिर नहीं बनेगा तो किसका बनेगा? संतों और राम भक्तों ने संकल्प किया है कि अब राम मंदिर में और देर नहीं लगना चाहिए, मुझे लगता है इसी वर्ष शुभ समाचार देश को मिलेगा।”

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