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12 साल के करियर को कहा अलविदा…..

15 जुलाई 1986 को सिरसा के हरियाणा में जन्में भारत के फील्ड हॉकी खिलाड़ी सरदार सिंह, जिन्हें सरदारा सिंह के नाम से भी जाना जाता है. हॉकी खिलाड़ी सरदार सिंह मिडफील्डर के स्थान पर खेलते हैं. साल 2012 में भारत सरकार ने सरदार सिंह को अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया.

सरदार सिंह ने वर्ष 2008 में अजलनशाह टूर्नामेंट में पहली बार टीम का नेतृत्व करके देश के सबसे युवा हॉकी कप्तान बन गए।सरदार सिंह ने वर्ष 2008 में अजलनशाह टूर्नामेंट में पहली बार टीम का नेतृत्व करके देश के सबसे युवा हॉकी कप्तान बन गए।

 350 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेले

32 वर्षीय सरदार सिंह ने 350 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत की नुमाइंदगी की है. वह 2008 से 2016 तक भारतीय टीम के कप्तान भी रहे. इसके बाद टीम की कमान पीआर श्रीजेश को सौंप दी गई. दिलचस्प बात है कि जकार्ता में एशियन गेम्स के दौरान सरदार ने कहा था कि उनके अंदर काफी हॉकी बची है और उन्होंने 2020 टोक्यो में अपना अंतिम ओलिंपिक खेलने की इच्छा व्यक्त की थी.

12 साल से थे मध्यपंक्ति में अहम खिलाड़ी

सरदार ने भारत के लिए सीनियर टीम में पदार्पण पाकिस्तान के खिलाफ 2006 में किया था और इसके बाद से वह टीम की मध्यपंक्ति में अहम खिलाड़ी बने हुए थे. वर्ष 2008 सुल्तान अजलन शाह कप में टीम की अगुआई के दौरान वह भारतीय टीम की कप्तानी करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी भी बने थे. उन्हें 2012 में अर्जुन पुरस्कार और 2015 में पद्म श्री से नवाजा गया.

विवादों से रहा नाता

हरियाणा के सिरसा के इस खिलाड़ी का करियर विवादों से दूर नहीं रहा. उन पर भारतीय मूल की ब्रिटिश महिला ने बलात्कार का आरोप भी लगाया था जिससे उन्होंने हमेशा इनकार किया था. उन्हें इस मामले में लुधियाना पुलिस के विशेष जांच दल द्वारा क्लीन चिट मिल गई थी.

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