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मछली बेचने से शुरु हुई थी सैमसंग कंपनी, जानिए आज कैसे कर रही है दुनिया पर राज…

देश की सबसे बड़ी स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों में शुमार साऊथ कोरियन कंपनी ‘सैमसंग’ नोएडा में सबसे बड़ी फैक्ट्री खोलने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नोएडा दौरे पर है और खास मेहमान साऊथ कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन के साथ सैमसंग की फैक्ट्री का उद्घाटन करेंगे।

पीएम मोदी और दक्षिण कोरियन राष्ट्रपति मून जे इन के लिए नोएडा में विशेष तैयारी की गई है। रविवार को योगी आदित्यनाथ ने पूरे इलाके और तैयारियों का जायज़ा लिया। इसके अलावा राज्य सरकार ने सैमसंग को जीएसटी में छूट देने का भी वादा किया है।

सैमसंग का निवेश

सैमसंग अपनी फैक्ट्री नोएडा के सेक्टर 81 में खोलने जा रही है और यह फैक्ट्री 35 एकड़ में फैली हुई है। आपको बता दें कि अखिलेश यादव की सरकार साल 2005 में ही ये फैक्ट्री लगाई गई थी। मगर पिछले साल जून में कोरियन कंपनी ने 4,915 करोड़ का निवेश यानि इन्वेस्ट कर नोएडा के प्लांट में विस्तार करने की घोषणा की थी।

भारत को फायदा

फिलहाल सैमसंग कंपनी भारत में 6.7 करोड़ स्मार्टफोन बना रही है। मगर माना जा रहा है कि ये प्लांट शुरु होने के बाद साल भर में करीब 12 करोड़ मोबाइल फोन बनाएं जाएंगे। इसका फायदा ये होगा कि 5000 करोड़ की लागत से बनने वाले इस प्लांट से करीब 70 हजार भारतीय लोगों को इसमें रोज़गार मिलेगा। साथ ही मेड इन इंडिया के मिशन को भी बल मिलेगा।

सैमसंग का 10 फीसदी उत्पादन भारत में किया जाता है लेकिन इस नए प्रोजेक्ट के बाद भारत में इसका उत्पादन 50 फीसदी हो जाएगा। इस फैक्ट्री में बनने वाले मोबाइल यूरोप, पश्चिम एशिया और अफ्रीका में निर्यात किए जाएंगे।

नए प्लांट में फोन के साथ साथ रेफ्रिजरेटर और फ्लैट टीवी पैनल टीवी के मैन्युफैक्चर को भी बढ़ाया जाएगा। वर्तमान समय में भारत में सैमसंग के दो ही प्लांट है, पहला नोएडा और दूसरा तमिलनाडु के श्रीपेरुम्बुदुर में। नोएडा में सैमसंग का पहले से ही एक डिजाइन सेंटर और पांच रिसर्च व डेवलपमेंट सेंटर हैं। जिनमें तकरीबन 70 हज़ार लोग काम करते हैं। इतना ही नहीं कंपनी की डेढ़ लाख के करीब रिटेल दुकानें भी मौजूद हैं।

सैमसंग का इतिहास

सैमसंग कंपनी की शुरुआत 1938 में की गई थी। ली बुयंग चुल ने इस कंपनी की शुरुआत की थी। सैमसंग के बारे में ये जानना दिलचस्प होगा कि सैमसंग ने अपनी शुरुआत ड्राई फिश, ग्रोसरीज और नूडल्स के साथ की थी। 40 लोगों के स्टाफ से इस कंपनी की शुरुआत की गई थी। धीरे धीरे कंपनी आगे बढ़ती रही तो सैमसंग ने इंशोरेन्स, सिक्योरिटी और रिटेल में अपने व्यापार को आगे बढ़ाया। देखते ही देखते कंपनी ने 1969 में इलेक्ट्रोनिक्स की दुनिया में अपना कदम रखा और 1970 में अपना एक ब्लैक एंड व्हाइट टीवी लॉन्च किया। फिर धीरे धीरे मार्केट में सैमसंग के रेफ्रिजरेटर, वॉशिंग मशीन, कलर टीवी, माइक्रोवेव, ओवन, वीसीआर जैसे प्रोडक्ट्स पर बाजार में उतरने लगे।

मछली से फोन तक

लेकिन कंपनी की ग्रोथ यहीं नहीं रुकी और कंपनी ने 1983 में टेलिकम्युनिकेशन की भी दुनिया में प्रवेश किया और 1984 में बिल्ट इन कार, SC-100 मॉडल फोन बनाया। हालांकि ये प्रोडक्ट नहीं चला और मार्केट में बुरी तरह पिट गया। कंपनी ने एक और फोन बनाने का प्रयास किया मगर बाज़ारों में अपने पैर नहीं जमा सकी। फिर कंपनी के चेयरमैन ने 1993 में एक मीटिंग रखी और जल्द ही S-700 मॉडल फोन लॉन्च किया जो कि फोन जगत में सफल रहा। 2004 में साऊथ कोरिया के सैमसंग फोन ने भारत में दस्तक दी। भारत में सैमसंग का शुरुआती समय कुछ खास नहीं रहा लेकिन 2009 में सैमसंग GALAXY S ने तो जैसे भारत में स्मार्टफोन की क्रांति ला दी। बता दें कि इस फोन के चलने के बाद सैमसंग पूरी दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी बन गई।

साऊथ कोरिया की अर्शव्यस्था का 17 फीसदी सैमसंग पर निर्भर करता है यानि सैमसंग कंपनी साऊथ कोरिया की जीडीपी की 17% है। सैमंसग में 40 से शुरु हुए इम्प्लॉयीज़ की संख्या अब 3,25000 हो चुकी है।

80 क्षेत्रों में सफल सैमसंग

आपको शायद जानकर आश्चर्य होगा कि दुनिया की सबसे बड़ी बिल्डिंग बुर्ज खलीफा जो कि दुबई में स्थित है, सैमसंग ने बनाई है। इसके अलावा सैमसंग पानी में चलने वाले जहाज से लेकर लड़ाकू टैंक भी बना चुकी है। सैमसंग की लाइफ इंशोरन्स कंपनी भी है जो कि दुनिया की 14वीं सबसे बड़ी कंपनियों में शुमार है। सैमसंग कंपनी जिसकी शुरुआत साऊथ कोरिया की गरीबी दूर करने के लिए की गई थी आज कुल मिलाकर 80 क्षेत्रों में सफल है। सैमसंग के 90 फीसदी प्रोडक्ट खुद की ही फैक्ट्री में बनाए जाते हैं। इतना ही नहीं APPLE IPAD की RETINA डिसप्ले भी सैंमसंग द्वारा ही बनाई है और दुनिया की 70 फीसदी स्मार्टफोन कंपनियां सैमसंग की बनाई हुई RAM का इस्तेमाल करते हैं।

कर्मचारियों के सामने जलाए फोन

सैमसंग कंपनी जब फोन की दुनिया में अपने पैर जमाने का प्रयास कर रही थी। तो कंपनी ने अपने कर्माचारियों के सामने करीब डेढ़ लाख फोन्स को जलाया दिया था जिनमें थोड़ी सी भी कमी थी।

ऐपल से पेटेंट लड़ाई

ऐपल और सैमसंग कंपनी के बीच 2011 से पेटेंट की लड़ाई चल रही थी। ऐपल ने सैंमसंग पर आरोप लगाया था कि सैमसंग ने ऐपल के डिजाइन की कॉपी की है। लेकिन 7 साल बाद विवाद सुलझ गया दोनों कंपनियों ने आपस में समझौता कर लिया। किन शर्तों पर ये समझौता हुआ है, इसका खुलासा अभी नहीं हो पाया है।

चीन हो सकता है असहज

नोएडा में सबसे बड़े प्लांट के बाद साउथ कोरिया का पड़ोसी देश और भारत का शत्रु चीन असहज महसूस कर सकता है।

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