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बढ़ने दो तेल के दाम हर बार जनता माफ कर देती है! व्यंग नहीं ये ख़बर है

व्यंग नहीं ये ख़बर है

माफ करना मेरे दोस्त…मैं आज भी आने में समय लगाउँगा, कारण ये नहीं है कि मैं आना ही लेट चाहता हूं बल्कि मेरा समय तो तेल भरवाने में लग जाएगा, क्योंकि पेट्रोल पंप पर पेट्रोल और डीजल भरवाने के लिए लोगों की भीड़ हमेशा ही लगी रहती है. भीड़ देखकर हर बार ख़्याल आता है कि एक तरफ, ये वही लोग हैं जो कहते हैं कि पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं…सरकार निक्कमी है जो तेल के दाम नहीं कम रही… जनता की गाढ़ी कमाई इस तरह चूस रही है… सरकार को जनता की पड़ी ही नहीं… लेकिन फिर ये लोग सब भूल कर तेल डलवा ही लेते हैं, और अपने-अपने काम पर निकल जाते हैं. शायद नहीं पूरा विश्वास है कि जनता पेट्रोल के दाम आसमान पर पहुंचा देने वाली सरकार को माफ कर देती है.

अब माफ न भी करें तो क्या करें…तेल के दाम तो कम होने से रहे. तेल के दाम कम नहीं होंगे तो क्या लोग काम पर जाना छोड़ देंगे, सड़कों पर उतर आएंगे, सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंग, अपना गुस्सा जाहिर करेंगे…. ऐसा कुछ भी नहीं होने वाला, लेकिन ऐसा होना चाहिए… वरना सरकार को लगेगा न कि जनता महंगे तेल के दाम परेशान नहीं है. छोड़िए आज तारीख है 7 सिंतबर, देश में पेट्रोल डीजल का भाव कुछ इस तरह है. बात पहले राजधानी दिल्ली की जहां डीजल 72.07 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है तो वहीं पेट्रोल 80 रुपये से सिर्फ एक पैसा कम मतलब 79.99 रुपये प्रति लीटर है, जो एक पैसा बच रहा है न भाई उसको गुल्लक में डाल लेना ताकि भविष्य में काम आए.

तेल के दाम देश में इस तरह बढ़ रहे हैं जैसे कंपिटीशन इस बात का है कि कौन सा शहर पहले सेंचुरी यानी शतक लगाता है दाम के मामले में. दिल्ली इस मामले में पीछे है और इस रेस में जीत आर्थिक राजधानी मुंबई की होती है जहां पेट्रोल का भाव 87 रुपया पार कर गया है और 100 से थोड़ा ही पीछे है, अब दिल्ली वाले सोच रहे होंगे कि अच्छा है हम दिल्ली में रहते हैं. वरना महंगी मेट्रो के साथ-साथ पेट्रोल भी महंगा लेना पड़ता, हालांकि दिल्ली में भी कुछ सस्ता नहीं है.

मुंबई में शुक्रवार को पेट्रोल का दाम 87 रुपये 39 पैसे प्रति लीटर और डीजल 76 रुपये 51 पैसे है. वहीं पटना में पेट्रोल की कीमत 85 रुपये 78 पैसे से बढ़ कर 86.19 प्रति लीटर पहुंच गया है. पटना में डीजल 77.69 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है.

बात कोलकाता की तो यहां भी कुछ हाल यही है, पेट्रोल 47 पैसे महंगा होकर 82.88 रुपया प्रति लीटर बिक रहा है तो डीजल 52 पैसे की बढ़ोतरी के साथ 74.92 रुपये प्रति लीटर हो गया है.

चेन्नै में पेट्रोल 51 पैसे की बढ़ोतरी के साथ 83.13 रुपये प्रति लीटर है तो डीजल 56 पैसे की तेजी के साथ 76.17 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है.

इतना सब हो गया है और विपक्ष न जाने कौन से पहाड़ों पर है, लेकिन विपक्ष ने देर से ही कुछ करने की सोची है, शायद कर भी ले. कांग्रेस ने आने वाली 10 अगस्त को बंद का आह्वान किया है, बंद होगा तब की तब देखेंगे. लेकिन यहां मन में सवाल आता है कि जब बीजेपी विपक्ष में थी क्या जोरदार प्रदर्शन था. जो आज वित्त मंत्री हैं, जो आज प्रधानमंत्री हैं, और भी बड़े-बड़े लोग उस समय सड़कों पर उतर कर कांग्रेस की नाक में दम कर रहे थे, हालांकि अब सरकार में मौजूद लोग कहते हैं कि तेल के भाव  अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत में उछाल के कारण हो रहे हैं, पहले क्यों ये समझ नहीं आता था. छोड़िए सरकार का कहना सही है तेल के दाम बढ़ने का कारण यही है कि अतंरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम बढ़ रहे हैं, जिस कारण भारत में भी डीजल-पेट्रोल की कीमतें बढ़ रही है. इतना ही हीं रुपया भी मोदी सरकार में डॉलर के मुकाबले लगातार गिरवाट देख रहा है.

अरे छोड़िए ये सब बढ़ने दो तेल के दाम 100 हो जाने दो तब सोचेंग धरना प्रदर्शन के बार में , ये जनता है माफ कर देगी उसने पहले भी किया है. लेकिन एक सवाल अभी भी है कि सरकार चाहे तो तेल के दाम कम कर सकती है, लेकिन…लेकिन…लेकिन वो क्यों और कैसे? इसका जवाब आप खुद तलाशिए.

व्यंग नहीं ये ख़बर है

अब उस दोस्त का जिक्र करते हैं जिसकी शुरुआत सबसे पहले की थी, आप पोस्ट पढ़ते-पढ़ते भूल गए होंगे… सच ये है कि मैं उस दोस्त से उस दिन मिल ही नहीं पाया क्योंकि पेट्रोल डलवाने का मन नहीं हुआ इतना महंगा सोच कर, इसलिए जो उसे मिलकर समझाना था वो मैंने इस पोस्ट के जरिए समझा दिया. अब आप सोचते रहिए!

By RITESH.

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