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देश के पॉपुलर ई कॉमर्स कंपनी PayTm के कर्ता धर्ता कैसे हुए सफल -विजय शेखर शर्मा

हाल ही में ऑनलाइन पेमेंट के लिए सबसे ज्यादा प्रयोग में लाये जाने वाला ऐप PayTm के ओनर चर्चा के विषय रहे।

देश की सबसे बड़ी ई कॉमर्स कंपनी PayTm आज बहुत ऊंचे मुकाम पर है और ज़ाहिर है उतने ही इसके विरोधी भी हैं।

इस कंपनी की सफलता में प्रमुख भूमिका निभाने वाले हैं कंपनी के फॉउंडर विजय शेखर शर्मा।

हाल ही में इनके साथ धोखा धड़ी का मामला सामने आया जिसको लेकर हर जगह बात हो रही है।

दरअसल इनको ब्लैकमेल किया जा रहा था इनके और कंपनी के डेटा के बदले 20 करोड़ की रंगदारी मांगी गयी थी जिसमें पुलिस ने इनके निजी सचिव यानी सेक्रेटरी उसके पीटीआई और कंपनी के एडमिन को गिरफ्तार किया है।

पेटीएम के फाउंडर विजय शेखर की सफलता की कहानी भी बड़ी रोचक रही है-

उन्होंने एक वक़्त ऐसा भी देखा था जब उनके पास खाने तक के पैसे नहीं थे। यूपी के अलीगढ़ निवासी विजय शेखर शर्मा के बुरे वक़्त में उनके पास पेटभर खाने के भी लाले थे बहाने बनाकर अपने दोस्तों के यहां पहुंच जाते थे ताकि उन्हें खाना मिल सके।

इतनी परेशानियों के बावजूद उनमें कभी विश्वास कम नहीं हुआ और आज वो सफलता की ऊचाईओं पर हैं।

विजय की प्राथमिक पढ़ाई गवर्नमेंट हिंदी माध्यम स्कूल में हुई जिस वजह से वो अंग्रेजी ठीक से बोल नहीं पाते थे।

इसके कारण भी उन्हें बहुत परेशानियां हुई। उन्होंने फिर डिक्शनरी की मदद से अंग्रेजी से हिंदी में ट्रांसलेट किया और तब पढ़ पाते थे।

दिल्ली के इंजीनियरिंग कॉलेज में भी उन्हें अंग्रेजी बोलने में दिक्कत होती थी।

विजय ने अपने बिज़नेस का सफर कॉलेज के दिनों में ही शुरू किया था जब उन्होंने अपने दोस्तों के मिलकर कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम indiasite.net बनाया और इसमें इन्वेस्टर्स ने पैसा भी लगाया है.

साल 2001 में विजय शेखर शर्मा ने 2  लाख रूपए लगाकर one 97 नाम की एक कंपनी की शुरुआत की जो मोबाईल से जुड़ी वैल्यू एडेड सर्विसेज देती थी।

हालाँकि विजय का इस क्षेत्र में ज्यादा अनुभव ना होने की वजह से कंपनी की हालत ख़राब होने लगी।

यहां तक की खाने के भी पैसे नहीं बचे और बस दोनों टाइम चाय पीकर चलाना पड़ा। बस ऑटो की जगह पैदल चलना शुरू कर दिया।

कंप्यूटर से जुड़े छोटे मोटे काम करने लगे। लेकिन कहावत है न की कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती .

बस विजय शेखर की कोशिशें भी विफल नहीं हुई और धीरे धीरे उनकी कंपनी की हालत सुधरने लगी और उसने मुनाफा कमाना शुरू कर दिया।

PayTm को लांच करने के पीछे जो मेन वजह थी वो थी छुट्टे पैसों की दिक्कत।

किराने का सामान ,ऑटो वाले को छूटे पैसे देना इन सब से मुक्ति पाने के लिए विजय शेखर ने PayTm जैसी कंपनी बनाने का सोचा।

साल 2011 में PayTm को लांच किया गया और धीरे धीरे बिज़नेस बढ़ने पर पेटीएम में ऑनलाइन वॉलेट ,मोबाईल रिचार्ज ,बिल पेमेंट ,मनी ट्रांसफर ,शॉपिंग और बैंकिंग जैसे नए फीचर्स जोड़े गए।

 बाज़ार में कई अन्य वेबसाइट भी थीं ऑनलाइन जोकि मोबाइल रिचार्ज की सुविधा देती थी पर PayTm का सिस्टम उनकी तुलना में सीधा-साधा और आसान था.

45  वर्षीय विजय शेखर की कुल सम्पति तक़रीबन 2.1 बिलियन यूएस डॉलर है।

 

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