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गाजियाबाद में ऑपरेशन चक्रव्यूह में फंसे 1500 से ऊपर ऑटो ,यात्री देर शाम तक रहे सड़कों पर परेशान

पुलिस ने सोमवार 17  सितम्बर को ऑटो चालकों के खिलाफ ऑपरेशन चक्रव्यूह चलाया। इस दौरान करीब 1547  से अधिक ऑटो और टेम्पो सीज किए गए। । इस ऑपरेशन के तहत 28  बसों को भी ज़ब्त किया गया। लगभग 1336 वाहनों के चालान काटे गए। इसके अलावा कुल 4  लाख 79  हज़ार 400  रूपए की फाइन जमा की गयी। खास तौर पर मोहन नगर, वैशाली, लिंक रोड और जीटी रोड पर ऑटो के लिए सवारियों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। देर शाम भी ऑफिस से लौटने वालों को ऑटो नहीं मिलने से परेशानी हुई।

इसके चलते शहर के अंदर अचानक ऑटो कम हो जाने से मुसाफिरों को परेशानी हुई। कई ऑटो चालकों ने ये खबर सुनकर रास्ता बदल लिया। गाजियाबाद पुलिस द्वारा शुरू किये गए इस मुहिम का मकसद था उन वाहनों को पकड़ने का जो ट्रैफिक नियमों को ताक पर रख रास्ते पर निकलते हैं। ऑटो और टैम्पो जो परमिट रूल्स की अनदेखी करते हैं और रास्तों पर बेमतलब का जाम लगा देते हैं।

टीएचए के अंदर मोहन नगर, कौशांबी, वैशाली के अलावा लिंक रोड और जीटी रोड पर इसका असर साफ नजर आया। इन इलाकों में ऑटो ही आने-जाने का एकमात्र विकल्प है। वैशाली मेट्रो स्टेशन से बाहर मोहननगर के तरफ जाने वाले रास्ते पर मुसाफिरों की भीड़ लगी हुई थी जो घर पहुंचने के साधन ढूढ़ते दिखें। सवारियों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। कई लोग कैब करते दिखे तो कई लोग घर पर फोन कर अपने परिचितों को बुलाते देखे गए।

इन रूटस पर अचानक ऑटो बंद हो जाने से लोग परेशान हो गए। काफी इंतजार के बाद जब कोई ऑटो दिखता तो लोग ऑटो की ओर दौड़ पड़ते थे। इस दौरान ऑटो में बैठने को लेकर सवारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। इंदिरापुरम व वसुंधरा में रहने वालों ने बताया कि देर शाम दिक्कत बनी रही। ऑटो कम चल रहे थे। लोग पैदल चलते हुए कौशाम्बी मेट्रो स्टेशन तक पहुंच गए। जो कुछ एक बस आयी तो उनमें लोग लटकते हुए दिखे।
इस ऑपरेशन चक्रव्यूह को दो शिफ्ट में चलाया गया था, सुबह 10  बजे से दोपहर के 2 बजे तक फिर शाम के 4 बजे से रात के 8 बजे तक। इससे पहले भी अप्रैल में इस ऑपरेशन का प्रथम चरण चलाया गया था जिस दौरान लगभग 1500 ऑटो को ज़ब्त किया गया था।  इस दूसरे चरण में चेकिंग पॉइंट रहे लाल कुआं ,वैशाली और कौशाम्बी मेट्रो स्टेशन,लोनी ,विजयनगर,इंदिरापुरम,साहिबाबाद,मोहननगर,सीमापुरी जैसे इलाके। 

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