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हनुमान जयंती के मौके पर मंदिरों में सजा फूल बंगला, 56 भोग के साथ की गई पूजा

कलयुग में भी हनुमान जी के जीवित होने के दावे किए जाते हैं पुराणों में भी कहा गया है कि हर युग में संकट-मोचन मारुती अमर रहेंगें अष्‍टचिरंजीवीयों में से एक हैं। हनुमान राम जी के सबसे बड़े भक्त माने जाते आज हनुमान जयंती है कहा जाता है कि पवनपुत्र आज भी हमारे बीच में किसी न किसी रुप में मौजूद हैं। इसलिए कलियुग में दूसरे देवी-देवताओं की बजाए हनुमान जी लोगों की कुछ खास मन्नतें और भी जल्दी पूरी करते हैं। संकट मोचन हनुमान जी के आशीर्वाद से सभी बिगड़े काम पूरे हो जाते हैं। श्रीराम कथा और हनुमान चालीसा के पाठ में उनकी मौजूदगी का एहसास कई लोगों को होता है, वैसे माना तो ये जाता है कि हनुमान जी की आराधना से सारे बिगड़े काम सुधर जाते हैं, लेकिन कुछ काम ऐसे हैं जो उनकी आराधना से बहुत जल्दी पूरे भी हो जाते हैं।

भूत पिशाच निकट नहीं आवे महावीर जब नाम सुनावे

माना जाता है कि भूत पिशाच या कोई परालौकिक शक्ति परेशान कर रही हो तो मंदिर से हनुमान जी के पैर का सिंदूर लाकर पीड़ित के सिर पर लगाने से उसकी रक्षा होती है। हनुमान चालीसा का जप करने से मन का डर और हर तरह के नकारात्मक विचारों से जल्दी ही छुटकारा मिल जाता है, तभी तो हनुमान और राम भक्त तुलसीदास लिखतें है कि-

‘रामदूत अतुलित बलधामा अंजनीपुत्र पवनसुत नामा

महावीर विक्रम बजरंगी,कुमति निवार सुमति के संगी॥’

सच्चे सेवक और निष्काम सेवा के सर्वोच्च उदाहरण हैं हनुमान जी, इनका जीवन निष्कलंक था. भगवान राम ने इन्हें लक्ष्मण से बढ़कर अपना अनन्य सेवक माना है।

हनुमान जी के मंत्र का करें जाप

हनुमान जयंती के दिन हनुमान जी की मूर्ति पर सिंदूर चढ़ाते समय ये मंत्र पढ़ना चाहिए-

‘मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठं वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये..’

हनुमान जी को भगवान शिव का ग्याहरवा रुद्र रूप माना जाता है। आज भी जहां रामचरितमानस का गुणगान होता है, वहां मौजूद रहते हैं इन्हें अणिमा, लघिमा, महिमा, गरिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व और वशित्व रूपी अष्ट-सिद्धियां प्राप्त थीं।

हनुमान जी को लंका में देख कर सीता जी ने आशीर्वाद दिया था- ‘अजर अमर गुननिधि सुत होहूकरहुं बहुत रघुनायक छोहू॥

आज हनुमान जी की जयंती के मौके पर हनुमान का पाठ करें पूजन करें जिससे आपके सारें कष्ट दूर हो जाएंगे

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