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नवरात्र स्पेशल: जाने किसके चलते बढ़ जाती है इस मंदिर की मान्यता

मंदिर

माता के नवरात्रे शुरु हो गये हैं, जिसके चलते देश भर के विभिन्न मंदिरों में श्रृध्दा का सैलाब उमड़ रहा है। राजधानी दिल्ली के मध्य में स्थित झंडेवाला मंदिर में भी श्रृध्दालुओं की भीड़ उमड़ रही है। नवरात्रों में यहां उमड़ती भक़्तजनों की भीड तो स्वयं में ही दर्शनीय बन जाती है । मंदिर में आने वाला प्रत्येक भक़्त यहां से मानसिक शांति और आनंद की अनुभूति लेकर ही जाता है । प्रत्येक भक़्त को आशीर्वाद के रूप में देवी का प्रसाद मिलता है । झंडेवाला मंदिर का धार्मिक ही नही एतिहासिक महत्व भी है । वर्तमान समय में इस मंदिर के आस-पास का क्षेत्र काफी भीड़ भाड़ और शोर गुल भरा हो गया है। लेकिन जिस समय जिस समय देवी की मूर्ति प्रकट हुई थी यह स्थान बहुत ही शांत और मनोरम था। साधक यहां साधना के लिए आया करते थे।

किसने  बनवाया ये प्राचीन मंदिर

इन्हीं साधकों में से एक थे बद्री दास। वह एक कपड़ा व्यापारी थे और मां वैष्णो देवी के बडे भक्त थे। एक दिन इस स्थान पर बद्री दास साधना कर रहे थे। तभी उन्हें कुछ एहसास हुआ की  इस जमीन में कोई प्राचीन मंदिर दबा हुआ है।

 

उन्होने इस जमीन को खरीद लिया और खुदाई शुरू करवा दी। खुदाई में सबसे पहले एक झंडा मिला जिससे इस स्थान का नाम झंडेवालान रख दिया गया। आगे जब खुदाई की गई तो देवी की मूर्ति प्रकट हुई। लेकिन खुदाई में मूर्ति का हाथ टूट गया। इसलिए मूर्ति के टूटे हुए हाथ को चांदी का बनाया गया, ताकि खंडित मूर्ति की पूजा का दोष नहीं लगे।

 

मां की यह मूर्ति गुफा में सुरक्षित स्थापित है। नवरात्र के मौके पर इनका दर्शन प्राप्त करना बहुत ही फलदायी माना जाता है।

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