dharam mukhya khabar

नवरात्र के दूसरे दिन करें मां ब्रह्मचारिणी की पूजा

नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। मां ब्रह्मचारिणी ने भगवान शंकर को पति के रूप में पाने के लिए घोर तपस्या की थी। इस कठिन तपस्या के कारण इस देवी को तपश्चारिणी अर्थात्‌ ब्रह्मचारिणी नाम से जाना जाता हैं।

ब्रह्मचारिणी का अर्थ: ब्रह्म का अर्थ होता है तपस्या और चारिणी का मतलब होता है आचरण करने वाली। इस प्रकार ब्रह्मचारिणी का अर्थ हुआ तप का आचरण करने वाली। मां के दाहिने हाथ में जप करने वाली माला होती है और बाएं हाथ में कमंडल। कहा जाता है कि इनकी अराधना करने वाले भक्तों में एकाग्र रहने की क्षमता बहुत ज्यादा होती है। वह जीवन में कभी भटकते नहीं।

मां ब्रह्मचारिणी का मंत्र 

मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करते समय नीचे दिए गए मंत्र का जाप करें।

या देवी सर्वभू‍तेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

 

 

/* ]]> */