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धर्म और मोक्ष की चाहत में पहले भी गई हैं हजारों जानें, मास सुसाइड की 5 बड़ी घटनाएं

मोक्ष…मुक्ति… परधाम… निर्वाण और भी न जाने कितने नाम है इस शब्द के, लेकिन अर्थ वही है जिसकी चाहत में बुराड़ी के एक ही परिवार के 11 लोग इस दुनिया को छोड़ गए. हालांकि पुलिस की तहकीकात जारी है लेकिन अभी तक की जानकारी बताती है कि ये मास सुसाइड है. इस भयावह ख़बर के बाद कई खुलासे हुए जैसे उस घर से डायरी का मिलना जिसमें जान कब देनी है और कैसे देनी है. इस ख़बर ने पूरे देश को हिला कर रख दिया. कई तरह के सवाल इस घटना के बाद उठे जिनके जवाब शायद ही मिले, क्योंकि अगर ऐसा होता है तो न सिर्फ बुराड़ी की घटना को सच सबके सामने आएगा बल्कि दुनिया में अलग-अलग जगहों पर हुई सामुहिक आत्महत्या का भी खुलासा होगा.

दरअसल ये कोई पहली घटना नहीं है जहां मोक्ष की प्राप्ति में मौत को गले लगाया गया हो, इससे पहले भी इस चाहत में कई लोग जान दे चुके हैं और ये आंकड़ा हजारों में है.

1. जोंसटाउन नरसंहार, सबसे बड़ा मास सुसाइड

18 नवंबर, 1978 को दक्षिण अमेरिका के गुयाना में 918 लोगों की सामूहिक आत्महत्या का मामला सामने आया था. वे सभी एक धार्मिक पंथ पीपल्स टेंपल ग्रुप को मानने वाले थे. जिसको जिम जोंस नाम का धार्मिक नेता चलाता था. लेकिन बाद में उसपर कई तरह के आरोप लगने के बाद उसने अपने अनुयायियों को इस दुनिया से अच्छी दुनिया में ले जाने की बात कह कर सबका मास सुसाइड करा दिया. और खुद भी मर गया.लेकिन उसकी मौत गोली लगने से हुई थी न कि उसके अनुनायियो की तरह जहर खाने से. इस हादसे में मरने वालों में 276 बच्चे भी शामिल थे.

Image courtesy Bizarrepedia

2. हेवेन्स गेट, कैलिफॉर्निया  39 लोगों की मौत

मोक्ष की प्राप्ति और दूसरी दुनिया में जाने के लिए 26 मार्च, 1997 को हेवंस गेट के अनुनायियो ने कैलिफॉर्निया के रांचो सैंटा फे में सामूहिक आत्महत्या कर ली थी. इस पंथ का संचालक ‘एपलव्हाइट’ था जो खुद को जीसस क्राइस्ट का अवतार समझते था. एपलव्हाइट ने अपने अनुयायियों का ब्रैन वॉश कर रखा था. उसका कहना था कि पृथ्वी पर बहुत जल्द ही एलियन्स का हमला होने वाला है और यदि वो स्वर्ग जाना चाहते है तो उन्हें इस हमले से पहले इस धरती को छोड़कर जाना होगा.  इस तरह उन्होंने अपने 38 भक्तों को अपने साथ आत्महत्या करने के लिए राज़ी कर लिया.  सभी ने एक जैसे कपड़े पहन रखे थे और सिर पर प्लास्टिक बैग बांध रखा था.

(Image courtesy Bizarrepedia) पंथ संचालक “एपलव्हाइट”

 

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3. ईसा के नाम पर यूगांडा में 778 लोगों की मौत

ऐसा ही कुछ देखने को मिला था यूगांडा में भी जहां 17 मार्च, 2000 को यूगांडा में मूवमेंट फॉर द रिस्टोरेशन ऑफ द टेन कमांडमेंट्स ऑफ गॉड धार्मिक पंथ के 778 सदस्यों ने मास सुसाइड किया. इस पंथ के अनुयायियों का मानना था कि उनका जन्म ईसा के 10 धर्मादेशों को मानने और उनको दूसरों तक पहुंचाने के लिए हुआ है. इस तरह इस हादसे में भी 778 लोगों की जान चली गई.  

 

 

Image courtesy Bizarrepedia

4. सोलर टेंपल स्यूसाइड, 23 मौतें

1994 में ऑर्डर ऑफ द सोलर टेंपल नाम के धार्मिक पंथ के सदस्यों ने सामूहिक आत्महत्याएं कीं. उन्होंने दावे किए थे कि वे मृत्‍यु के बाद रात को दिखने वाले सबसे चमकीले सितारे सीरियस पर चले जाएंगे, जिसे वे जन्‍नतया प्रभु की दुनिया कहते थे.

चमकीले सितारे की चाहत ने पागल कर दिया था. इस पंथ के दोनों संस्थापक Luc Jouret and Jo Di Mambro भी इस हादसे में मारे गए थे. 

 

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5. भारत मेें गई हैं मोक्ष की चाहत में जानें

भारत में आस्था विश्वास और धार्मिकता ज्यादा है. ऐसे में यहां इस तरह घटना होने मुमकिन है. कुछ ऐसा ही हुआ था 26 मार्च 2013. जहां राजस्थान के सवाई माधोपुर में एक परिवार ने भगवान शिव से मिलने के नाम पर जहर खा लिया था. आठ में से पांच की मौत हो गई थी. 45 साल के कंचन सिंह और उनके परिवार का मानना था कि ऐसा करने से वे स्वर्ग पहुंच जाएंगे और भगवान शिव से उनकी मुलाकात होगी. यही नहीं, उस परिवार ने उस वक्त का एक वीडियो भी बनाया था. जिसमें वे हंसते खेलते दिख रहे थे.

 

देखा जाए तो पूरी दुनिया ही इस तरह के अंधविश्वास में फंसी चुकी है कभी न कभी. आस्था के नाम पर दिमाग के साथ खेल लोगों को बहकाया जाता है. पर मोक्ष और मुक्ति सिर्फ इस धरती पर रहकर मिल सकती है न कि दुनिया को छोड़कर. दिल्ली के बुराड़ी में हुए कांड के बाद इस तरह की घटनाओं में एक आंकड़ा और जुड़ गया.

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