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लखनऊ: ये हादसा था, या फिर ट्रेन पलटने की साज़िश, मौक़े से मिला ये सबूत

लखनऊ

लखनऊ से कुछ ही किलोमीटर दूर बाराबंकी में शनिवार की देर रात एक बड़ा ट्रेन हादसा होने से बाल-बाल बच गया। वो तो भला हो लोको पायलट का जिसने वक्त रहते इमरजेंसी ब्रेक लगा दिये वर्ना न जाने कितने लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ता। इस घटना के बाद ट्रेन का इंजन पटरी से उतरने के बाद क्षतिग्रस्त भी हो गया। ट्रेन के रुकने के बाद जब पड़ताल की गई तो एसी कोच बी-1 के नीचे पटरी का टूटा टुकड़ा भी मिला।

अब सवाल ये उठता है कि, पटरी पर लकड़ी का मोटा बोटानुमा टुकड़ा आया कहां से? क्योंकि जिस जगह ये हादसा हुआ है उस जगह पर न तो जंगल हैं और न ही एक भी पेड़ मौजूद हैं। जिससे रेलवे विभाग को इसमें साज़िश की नज़र आ रही है।

हांलाकि रेलवे विभाग का ये भी मानना है कि, हो सकता है ये काम किसी शरारीतत्व का हो लेकिन फिर भी विभाग इस घटना की बेहद संजीदगी से जांच कर रहा है।

घटनाक्रम के अनुसार पटना से कोटा जा रही ट्रेन संख्या 13237 पटना-कोटा एक्सप्रेस बाराबंकी के दरियाबाद स्टेशन के पास शनिवार देर रात पलटने से बची। वहां पर रेलवे ट्रैक पर लकड़ी का बोटा पड़ा होने के चलते ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगाया तो इंजन पटरी से उतर गया। इसके बाद इंजन का डीजल टैंक फट गया। इसके बाद फैजाबाद से दूसरा इंजन बुलाया गया।

इसके साथ ही इमरजेंसी ब्रेक लगने से जनरल कोच समेत स्लीपर व एसी कोच के कुछ यात्री अपनी सीट से गिर गए। इससे वो मामूली रूप से घायल हो गए।

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