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बात भोपाल की पहली महिला AUTO DRIVER की, जिसकी पहली सवारी खुद मुख्यमंत्री शिवराज थे

बीते दिनों मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में बरकतउल्ला विश्वविद्यालय ने आर्दश बहू बनाने का कोर्स शुरु कर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा, विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना था कि ये कदम महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देगा.  इस बात का जवाब तो हमारे पास नहीं है कि कैसे ये कोर्स आर्दश बनाएगा, लेकिन भोपाल से ही आई एक और ख़बर ने सच में महिला सशक्तिकरण की दिशा में कदम रख दिया है.

भोपाल के भदभदा रोड स्थित कलखेड़ा में रहती हैं तलत जहां. तलत जहां शहर की पहली और उन 5 महिलाओं में शामिल हैं जिनके पास कमर्शियल लाइसेंस है. तलत एक ऑटो ड्राइवर हैं और उन्हें ये काम पसंद है, इस सिलसिले में वो कहती हैं कि “’वह यह काम करती हैं क्योंकि उन्हें यह करना पसंद है न कि इसलिए कि उनके पास दूसरा कोई विकल्प नहीं है.’ आपको बता दें कि 2 साल की ट्रेनिंग के बाद मार्च 2018 में तलत ने ऑटो चलाना शुरू किया था और उनकी पहली सवारी कोई और नहीं बल्कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान थे.

दूसरी महिलाओं के लिए प्रेरणा है तलत की कहानी

24 साल की तलत जहां दहेज उत्पीड़न का दर्द झेलकर चुकी हैं. दरअसल चार साल पहले तलत अपना ससुराल छोड़ अपने माता-पिता के पास वापस आ गईं थी. दैनिक भास्कर में छपी ख़बर के अनुसार तलत की शादी 2013 में हुई थी जब वो 12वीं में पढ़ रही थी. तलत ने बताया कि मात्र 15 दिन तक ही ससुराल वालों ने ठीक रखा. उसके बाद उन्होंने प्रताड़ित करना शुरू कर दिया. तमाम कोशिशों के बाद भी जब बात नहीं बनी तो वर्ष 2014 में थाने में केस दर्ज कराया. ससुराल में उत्पीड़न से परेशान तलत ने वहां से निकलकर एक नई जिंदगी की शुरुआत की. जहां कुछ महिलाएं परेशान होकर टूट जाती हैं ऐसे में तलत न हार न मानते हुए अपनी जिंदगी खुद के बलबूते पर जीने का फैसला लिया और यहीं से जिंदगी बदल गई. उनकी जिंदगी को बदलने में बड़ा और अहम रोल गौरवी संस्था ने निभाया. दरअसल गौरवी संस्था में मौजूद कमलेश जोशी जो एक ऑटो डीलर हैं उन्होंने ही तलत को ऑटो सीखने के लिए कहा था. और एक लंबे संघर्ष के बाद तलत ने आखिर अपनी जिंदग को वहां पहुंचाया जहां किसी दूसरे पर पैसों की निर्भरता खत्म हो गई.

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तलत सुबह सात बजे ही घर से ऑटो लेकर निकल जाती हैं और शाम छह बजे तक वापस आती हैं. ऑटो रिक्शा चलाकर तलत दिन भर में कम से कम 500 से 700 रुपये कमा लेती हैं. तलत कहती हैं कि वे प्रयास कर रही हैं कि ऑटो किसी कैब एजेंसी से जुड़ जाए. वे ऑटो केवल महिलाओं के लिए चलाना चाहती हैं. ताकि महिलाएं सहज और सुरक्षित महसूस कर सकें.

इतना ही नहीं तलत के इस कदम से खुश होकर सीएम शिवराज तलत को प्रोत्साहित करने के लिए उनके रिक्शे में सवारी कर चुके हैं और उन्हें राज्य की ‘पिंक फ्लीट’ पहली महिला ड्राइवर होने की बधाई भी दे चुके हैं.

विधायकों और सांसदों को इतनी सैलरी क्यों दी जाती है? जवाब पहले पैराग्राफ में ही है!

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