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जानिए नवरात्रि में क्या करना अशुभ माना गया है

अक्टूबर शुरू हो गया है और इसके साथ ही त्यौहारों के दिन भी आ गए हैं, जिसका इंतजार हर किसी को होता है। कुछ दिन बाद  10 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि आरम्भ होने जा रहे हैं। हिन्दू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व होता है। इसमें नौ दिनों तक देवी के शक्ति रूपों की पूजा की जाती है।

नवरात्रि साल में दो बार मनाई जाती है। एक चैत्र नवरात्रि होती है और दूसरा शारदीय नवरात्रि। पुराणों और शास्त्रों में नवरात्रि के नौ दिनों तक उपवास रखने के कुछ नियम बताए गए हैं जिसका पालन व्रत रखने वालों को जरूर करना चाहिए।

नवरात्रि में कलश स्थापना का विशेष महत्व होता है। पहले दिन कलश स्थापना और अखंड ज्योति जलाई जाती है। ऐसे में इस समय घर को कभी भी खाली छोड़कर कहीं और नहीं जाना चाहिए। 

जो भक्त नवरात्रि में 9 दिनों तक व्रत रखते हैं उसे नवरात्रि में इन कामों को करने से बचना चाहिए। ऐसा न करने पर अशुभ होने का डर रहता है और आपकी पूजा संपूर्ण नहीं मानी जाती।

नवरात्रि में न तो बाल कटवाने चाहिए और न ही शेविंग करनी चाहिए।

शास्त्रों में नवरात्रि पर बाल कटवाना अशुभ माना गया है। लेकिन इस दौरान बच्चों का मुंडन संस्कार शुभ होता है।

 विष्णु पुराण के अनुसार मां दुर्गा के इन नौ दिनों में दोपहर के समय सोना नहीं चाहिए। इससे व्रत रखने का उचित फल नहीं मिलता.. 

नवरात्रि पर जो व्यक्ति उपवास रखता है उसे गंदे और बिना धुले कपड़े नहीं पहनने चाहिए। 

 नवरात्रि का व्रत रखने वाले लोगों को बेल्ट,चप्पल-जूते, बैग जैसी चमड़े की चीजों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

 नवरात्रि पर कभी भी भूलकर शारीरिक संबंध नहीं बनना चाहिए। इससे अनिष्ट होने का खतरा हमेशा बना रहता है। 

नवरात्रि के दिनों में एक स्थान पर बैठकर फलाहार करना शुभ होता है। फलाहार करते समय इधर-उधर नहीं घूमना चाहिए।

 सप्तशती का पाठ करते वक्त बीच में दूसरी बात बोलने या उठने की गलती नहीं करनी चाहिए। इससे शुभ फल की प्राप्ति नहीं होती .. 

नवरात्रि के 9 दिनों में भूलकर भी नाखून नहीं काटना चाहिए। इससे उपवास रखने के बावजूद नवरात्रि का पूरा फल नहीं प्राप्त होता।

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