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जानें कौन है CBI में ‘रार की जड़’ मोईन कुरैशी, छोटी दुकान से कैसे बना इतना बड़ा व्यापारी

मोईन कुरैशी

देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबाआई में बड़े अधिकारियों द्वारा भ्रष्टाचार करने को लेकर अचम्भे की भावना पैदा हो गई है। वहीं ऐसा पहली बार है जब इतनी बड़ी एजेंसी के खिलाफ़ ही सीबीआई खुद छापे मारी कर रही है। बताया जा रहा है कि फिलहाल सीबीआई की बिल्डिंग को सील कर दिया गया है और कुछ ही अधिकारियों को अंदर प्रवेश करने की अनुमित है। इतनी ही नही एजेंसी के आधा दर्जन से ज्यादा अधिकारियों का रातों रात तबादला भी कर दिया गया है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि सीबीआई में इतनी बड़ी रार की जड़ कहां से शुरु हुई और कौन है मीट कारोबारी मोईन कुरैशी जिसने राकेश अस्थाना को रिश्वत के 2 करोड़ रुपए दिए?

कौन है मोईन कुरैशी

दरअसल, मोईन कुरैशी उत्तर प्रदेश के रामपुर का रहने वाला एक मीट कारोबारी है। बताया जाता है कि मोईन कुरैशी रामपुर में ही एक छोटी सी मीट की दुकान चलाता था लेकिन उसके हाई प्रोफाईल राजनीतिक संबध होने के चलते कुरैशी मांच का बड़ा एक्सपोर्टर बन गया।

क़ुरैशी ने करीब दो दर्जन नई कंपनियां खोलीं। इसमें एक कंस्ट्रक्शन कंपनी भी है। उसने अपनी बेटी के लिए फ़ैशन कंपनी भी खोली। उस पर इस बात की भी जांच चल रही है कि कथित तौर पर उन्होंने विदेशों में 200 करोड़ से अधिक छुपा रखे हैं और वो मुल्क के बड़े टैक्स चुरानेवालों में से एक हैं।

साल 2015 में ईडी ने कुरैशी के खिलाफ विदेशी विनिमय प्रबंध कानून (FEMA) के तहत जांच शुरू की थी। यह जांच आयकर विभाग की ओर से उपलब्ध कराए गए कुछ दस्तावेजों पर आधारित थी। इन दस्तावेजों में इस मांस कारोबारी और उसकी कंपनियों के हवाला कारोबार में संलिप्तता और फेमा कानून के उल्लंघन में शामिल होने के संकेत मिले थे।

मोईन कुरैशी

उस वक्त की अपनी जांच में आयकर विभाग ने कुरैशी के पास 11 बैंक लॉकर ऐसे पाये थे, जो उनके कर्मचारियों और सहयोगियों के नाम थे, लेकिन उनमें सामान कुरैशी के थे। ये लॉकर उनकी कंपनी एएमक्यू ग्रुप के कर्मचारियों के नाम थे। जांच एजेंसियों का दावा था कि इन बैंक लॉकरों में 11.26 करोड़ रुपये की नकदी और 8.35 करोड़ रुपये के आभूषण मिले थे। जांच में पाया गया था कि मांस निर्यातक और उनके परिजन के पास विदेशों में गैरकानूनी संपत्ति है और उन्होंने भारतीय कर अधिकारियों को इसके बारे में सूचित नहीं किया था।

मोईन कुरैशी के कारनामों का आप इस बात से अंदाज़ा लगा सकते हैं कि सीबीआई के तत्कालीन चीफ़ रंजीत सिन्हा की विजिटिंग डायरी में 90 से ज्यादा बार नाम दर्ज था इसके साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरुरी की स्वर्गीय पत्नी सुनंदा पुष्कर से भी मोईन के गहरे सबंध थे जानकारी के अनुसार सुनंद मोईन के कई मर्तबा डिनर पर भी बुला चुकीं थीं।

गौरतलब है कि कुछ वर्ष पहले हुई मोइन क़ुरैशी की बेटी परनिया क़ुरैशी की शादी भी सुर्खियों में रही। इस कार्यक्रम में करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाए गए थे। इस निकाह कार्यक्रम में पाकिस्तानी गायक राहत फ़तह अली ख़ान को बुलाया गया था। परनिया की अमरीकी बैंकर अर्जुन प्रसाद से हुई शादी के एक लिबास की क़ीमत ही लगभग 80 लाख थी। बाद में यह शादी टूट गई। परनिया ने बॉलीवुड हीरोइन के बीच बड़ा क्रेज है। उन्‍होंने सोनम कपूर की फ़िल्म आयशा के लिए कास्टयूम भी डिज़ाइन किए थे। इसके साथ उन्होंने मुज़फ्फ़र अली की फ़िल्म जानिसार में भी अहम किरदार निभाया है।

मोईन कुरैशी

प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने साल 2015 में कुरैशी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की एफआईआर दर्ज की थीं। टैक्स चोरी, मनी-लॉन्ड्रिंगऔर भ्रष्टाचार के अन्य मामलों में भी इनकम टैक्स विभाग और सीबीआई कुरैशी के खिलाफ जांच कर रही हैं। इतना ही नहीं अक्टूबर 2016 में कुरैशी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इमिग्रेशन के अफसरों को झांसा देकर दुबई फरार हो गया था।

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