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आज से जगन्नाथ यात्रा हुई शुरू,ऐसे करें पूजा और आरती

14 जुलाई यानी आज से ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की यात्रा की शुरुआत हो गई है। आपको बता दें की यूनेस्को ने पुरी के इस हिस्से को वर्ल्ड हेरिटेज यानी विश्व की धरोहरों की लिस्ट में शामिल कर दिया है जिसके बाद ये पहली रथ यात्रा होगी इस वर्ष। इस बार के जगन्नाथ रथ यात्रा का थीम भी धरोहर रखा गया है। इस शुभ रथयात्रा की शुरुआत आषाढ़ के शुक्ल द्वितीय से होती है। ना सिर्फ देश से बल्कि विदेशों से भी भारी संख्या में लोग पुरी में जुटते हैं।
इस वर्ष के रथ यात्रा का शुभ मुहूर्त 14 जुलाई के भोर 4. 30 से 15 जुलाई के रात 12 बजकर 55 मिनट तक रहेगा। इस पूजा में जगन्नाथ जी की पूजा और उनके आरती का विशेष महत्व माना जाता है। जगन्नाथ जी को भगवान् विष्णु का ही एक रूप माना गया है। लोगों के घर में भी छोटा रथ लाकर पूजा की जाती है। पूजा के भोग के लिए आप नारियल भी चढ़ा सकते हैं।


जगन्नाथ जी की घर पर आरती करने से पूर्व उन्हें एक अच्छे और स्वच्छ आसन पर रखें और फूल चंदनों से उनके रथ की सज्जा करें। पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद धूप दीप जलाएं। आरती करने के दौरान “एतस्मै धूपाय नमः” मंत्र को बोलकर आचमन करें। जल का हल्का छिडक़ाव करें और “इदं धूपं ॐ नमो नारायणाय नमः” मंत्र बोलते हुए पुष्पों को अर्पित करें।
धूप से भगवान की आरती उतारें और आरती के पांच दीप जलाकर “एतस्मै नीराजन दीपमालाएं नमः” बोलकर आचमन करें और पुष्प लेकर हाथों में एक बार फिर “एष नीराजन दीपमालाएं ॐ नमः नारायणाय नमः” उच्चारण करते हुए आरती करें।  आरती हो जाने पर शंख बजाकर प्रणाम करें और भोग या प्रसाद का वितरण करें। ध्यान रखें यदि आप रथ यात्रा के दिन आरती करते हैं तो आपको अंतिम दिन यानी जिस दिन रथ यात्रा पूर्ण होने जा रहा हो उस दिन भी आरती करनी होगी। यदि आपने घर में रथ को सजाया है और पूजा कर रहे हैं तो सूर्यास्त के पहले और शाम को संध्या आरती अवश्य करें। धूप और सुगंध भगवान जगन्नाथ को बेहद प्रिय है इस कारण घर में पूजा के समय इनका ज्यादा उपयोग करें।

जगन्नाथ रथ यात्रा

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