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चांद पर पहुंचाने वाली तकनीक भारत में बना रहे थे वैज्ञानिक नंबी, डाटा लीक में हुए थे गिरफ्तारी, अब हुए बेदाग

सबसे पहले वो ज़रूरी जानकारी देते हैं जिससे जुड़ी ये ख़बर है. बात 1994 की है, ISRO यानी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान परिषद उस समय क्रायोजेनिक रॉकेट(Cryogenic rocket engine) इंजन पर काम कर रहा था और वह उसे बनाने के बिल्कुल करीब था, ये वही तकनीक है जिसने चांद पर पहुंचने में NASA की मदद की. लेकिन अपने भारत में ये तकनीक पूरी तरह बनकर तैयार हो पाती उससे पहले ही कुछ ऐसा हुआ जो नहीं होना चाहिए था. दरअसल उस समय क्रायोजेनिक रॉकेट इंजन विभाग के प्रमुख रहे नंबी नारायण को गिरफ्तार कर लिया गया, और उनपर आरोप था कि वैज्ञानिक ने कुछ गुप्त दस्तावेज पाकिस्तान को दिए. ये आरोप केरल पुलिस ने लगाया था. इस पूरी घटना के बाद क्रायोजेनिक रॉकेट इंजन का काम रुक गया. कहते हैं कि इस हादसे के कारण भारत अंतरिक्ष के क्षेत्र की तरक्की 15 साल पिछड़ गई. इतना ही नहीं भारत के पिछड़ने का सीधा लाभ अमेरिका और फ्रांस को मिला.

cryogenic rocket engine

बहरहाल इसरो जासूसी कांड 1984 के मुख्य आरोपी बनाए गए नंबी नारायण को केरल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. लेकिन बाद में इसकी जांच CBI के पास पहुंची और सीबीआई ने इन आरोपों को झूठा कराक दिया. इसके बावजूद दोबारा जांच के आदेश दिए गए लेकिन 1998 में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को रद्द कर दिया था और नारायणन को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया था. इसके बाद नारायणन राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग पहुंचे. आयोग ने उन्हें 10 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया था. हालांकि वह इस फैसले से खुश नहीं हुए और इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. और आज लंबे समय बाद आज नंबी नारायण को खुशी का मौका उस समय मिला जब उच्चतम न्यायालय इस संबंध में कहा कि इसरो के पूर्व वैज्ञानिक नंबी नारायणन को “बेवजह गिरफ्तार एवं परेशान किया गया और मानसिक प्रताड़ना” दी गई. साथ ही उसने केरल पुलिस के अधिकारियों की भूमिका की जांच के आदेश दिए.

nambi narayanan

प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की एक पीठ ने मामले में मानसिक प्रताड़ना के शिकार हुए 76 वर्षीय नारायणन को 50 लाख रुपये का मुआवजा देने को कहा. इस पीठ में न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ भी शामिल थे.

वहीं कोर्ट के फैसले के बाद नंबी ने कहा, ‘मैंने अभी आदेश नहीं देखा है. मुझे केवल इतना पता है कि 50 लाख रुपए मुआवजे के तौर पर मिलेंगे और एक न्यायिक जांच होगी.’

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