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18 साल के इस खिलाड़ी की कहानी, जिसने अपने बल्ले के दम पर जीता सबका दिल….

18  की उम्र मे वो कर दिखाया जो अब तक कुछ ही खिलाड़ी कर सकें…

भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले जा रहे है मैच में भारत को एक ऐसा खिलाड़ी मिला जिसकी बल्लेबाजी से सबका दिल खुश हो गया। 18 साल के पृथ्वी शॉ ने अपने बल्ले के दम पर पूरे देश को सचिन की याद दिला दी। पृथ्वी ने अपने टेस्ट करियर में शानदार प्रदर्शन दिखाते हुए शानदार शतक जड़ा। इस 18 साल के खिलाड़ी की जिंदगी काफी संघर्षपूण रही है। जब पृथ्वी महज 4 साल के थे उनके सिर से मां की ममता कि छांव उठ गई। जिसके बाद उनके पिता ने मां का फर्ज निभाकर उनकी देखभाल की। पिता पंकज ने पृथ्वी को कभी मां की कमी खलने नहीं दी। पृथ्वी के पिता ने हर पल पृथ्वी का साथ दिया।

पिता ने सिखाया जीना….

पृथ्वी मूल रूप से बिहार के रहने वाले है, लेकिन उनका जन्म महाराष्ट्र में हुआ और अब उनका परिवार महाराष्ट्रियन बन चुका है। पृथ्वी के पिता पंकज ने तीन साल की उम्र में पृथ्वी के दिलोदिमाग में क्रिकेट के प्रति प्यार और रुचि विकसित कर दी थी।  जब पृथ्वी महज तीन साल के थे तभी पिता पंतज ने उन्हें विरार की क्रिकेट एकेडमी में दाखिला दिला दिया था।

पिता ने किया भरेसा….

अगर पृथ्वी आज अपनी जिंदगी मे जो कुछ भी है, उसके पिछे उनके पिता का भरोसा रहा है। पिता पंकज ने हर कदम पर पृथ्वी का साथ देकर उनको आज इस मुकाम तक पहुचाया। सोशल मीडिया पर पृथ्वी ने  इस साल जून में फादर्स डे पर एक तस्वीर लगाकर अपनी जिंदगी में पिता के महत्व को बयां किया। पृथ्वी ने कहा,” मेरे पिता ने जो मुझे सबसे बड़ा गिफ्ट दिया, वह है मुझपर भरोसे का.”

 

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