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विधायकों और सांसदों को इतनी सैलरी क्यों दी जाती है? जवाब पहले पैराग्राफ में ही है!

हमारे देश में भ्रष्टाचार एक गंभीर समस्या है. छोटे से लेकर बड़े लेवल तक पर भ्रष्टाचार किया जाता है और राजनीति इसमें सबसे पहले नंबर पर आती है. नेताओं-राजनेताओं पर भ्रष्टाचार के इतने मामले दर्ज होंगे जिसका एक सही अनुमान लगाना भी मुश्किल है. शायद इसी लिए ‘जनता द्वारा चुने गए और जनता के लिए चुने’ गए जन प्रतिनिधियों को इतनी ज्यादा सैलरी दी जाती है, ताकि भ्रष्टाचार की ज़रूरत न पड़े. इतना ही नहीं एक विधायक या सांसद को तनख्वाह के साथ-साथ तमाम तरह के भत्ते और फिर पेंशन भी मिलती है. आईये बताते हैं कि आखिर एक विधायक और एक सांसद पर कितना रुपया खर्च किया जाता है.

नेता जी कार्टून, सौ. गूगल

विधायक

पहले बात देश के विधायकों कीः 2 केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली और पुदुचेरी को मिलाकर भारत के 31 राज्यों में कुल 4120 विधायक हैं. हर राज्य में विधायकों को अलग-अलग विधायक फण्ड और अलग-अलग सैलरी दी जाती है. जैसे मध्य प्रदेश में एक विधायक को हर साल अपने क्षेत्र का विकास करने के लिए 4 करोड़ रुपये दिए जाते है जबकि कर्नाटक में 2 करोड़ रुपये.

अगर विधायकों को सबसे ज्यादा सैलरी देने की बात की जाए, तो तेलंगाना पहले नंबर पर आता है. तेलंगाना में सबसे अधिक सैलरी 2.5 लाख रुपये प्रति माह मिलती है वहीं सबसे कम सैलरी 34000 रुपये त्रिपुरा के विधायकों को मिलती है. देश की राजधानी दिल्ली की बात की जाए, तो यहां विधायकों को 2 लाख 10 हज़ार रुपये प्रति माह वेतन के रूप में मिलते हैं.  तेलंगाना, दिल्ली के बाद तीसरे नंबर पर यूपी के विधायकों को 1.87 लाख रुपये प्रति माह मिलते हैं.

मासिक सैलरी के अलावा विधायकों को कई तरह के भत्ते भी मिलते हैं. जैसे, विधायक निधि के रूप में 5 साल के अन्दर 7.5 करोड़ रुपये, 24 हजार रुपये डीजल खर्च के लिए,  6000 पर्सनल असिस्टेंट रखने के लिए,  मोबाइल खर्च के लिए 6000 रुपये और इलाज खर्च के लिए 6000 रुपये मिलते हैं. इतना ही नहीं सरकारी आवास में रहने, खाने पीने, अपने क्षेत्र में आने-जाने के लिए अलग से खर्च मिलता है. इन सभी को मिलाने पर विधायक को हर माह कुल 1.87 लाख रुपये मिलते हैं.

आपको जानकार हैरानी होगी कि विधायक रहते-रहते फिर कार्यकाल ख़त्म होने के बाद भी विधायकों को पेंशन के रूप में हर महीने 30 हजार रुपये दिए जाते हैं. साथ ही जीवन भर मुफ्त रेलवे पास और मेडिकल सुविधा का लाभ मिलती है.

नेताजी कार्टून
नेताजी कार्टून, सौ. गूगल

राज्यों का हिसाब

राज्य के हिसाब से विधायकों की सैलरीः उत्तर प्रदेश के विधायकों को 1.87 लाख, महाराष्ट्र में 1.70 लाख, जम्मू-कश्मीर में 1.60 लाख, उत्तराखंड में 1.60 लाख, आंध्र प्रदेश में 1.30 लाख रुपये, हिमाचल प्रदेश में विधायकों को 1.25 लाख, राजस्थान में 1.25 लाख, गोवा में 1.17 लाख, हरियाणा में 1.15 लाख, पंजाब में 1.14 लाख, झारखंड में 1.11 लाख, मध्य प्रदेश में 1.10 लाख, छत्तीसगढ़ में 1.10 लाख, बिहार में 1.14 लाख रुपये, पश्चिम बंगाल में 1.13 लाख, तमिलनाडू में 1.05 लाख, कर्नाटक में 98 हजार, सिक्किम में 86.5 हजार, केरल में 70 हजार, गुजरात में 65 हजार, ओडिशा में 62 हजार, दिल्ली में 2.10 लाख, मेघालय में 59 हजार, पुडुचेरी में 50 हजार रुपये, अरुणाचल प्रदेश में 49 हजार, मिजोरम में 47 हजार, असम में 42 हजार, मणिपुर में 37 हजार, नागालैंड में 36 हजार और त्रिपुरा में 34 हजार सैलरी मिलती है.

सांसद

अगर बात देश के सांसदों की करें तो इस समय कुल सांसदों की संख्या 534 है. और वेतन के मामले में सांसदों 50 हजार रुपए प्रति माह मिलता है. इनको मिलने वाले दूसरे भत्तों को जोड़ दें तो उनका वेतन सालाना लाखों में पहुंचता है.

1 मासिक वेतन:

लोकसभा और राज्‍यसभा दोनों के हर एक सदस्‍य को प्रति महीने 50,000 सैलरी मिलती है.

2 दैनिक भत्‍ता :

बात इनके दैनिक भत्‍ते की करें तो हर सांसद को प्रतिदिन 2,000 रुपये इसके नाम पर मिलते हैं.

3 संवैधानिक भत्ता :

इस भत्‍ते के नाम पर इन सांसदों को प्रति महीने 45,000 रुपये का भुगतान किया जाता है.

4 कार्यालय व्यय भत्ता :

कार्यालय व्‍यय भत्‍ते के नाम पर एक सांसद को 45000 रुपए प्रतिमाह मिलता है. इसमें से वह 15 हजार रुपए स्टेशनरी और पोस्ट आइटम्स पर खर्च कर सकता है. इसके अलावा अपने सहायक रखने पर सांसद 30 हजार रुपए खर्च कर सकता है.

5 रेल यात्रा :

हर महीने के आधार पर एक फ्री नॉन-ट्रांसफेयरेबल फर्स्‍ट क्‍लास एसी या किसी भी एक्‍जेक्‍यूटिव क्‍लास का ट्रेन पास और एक फर्स्‍ट क्‍लास और एक सेकेंड क्‍लास का किराया भी इन्‍हें दिया जाता है। 

6 हवाई यात्रा :

हवाई यात्रा का 25 प्रतिशत ही देना पड़ता है. इस छूट के साथ एक सांसद सालभर में 34 हवाई यात्राएं कर सकता है. यह सुविधा सांसद के पति/पत्नी दोनों के लिए है.   

7 बाय रोड यात्रा :

अपनी या सरकार की गाड़ी से कहीं की भी यात्रा करने पर 16 रुपये प्रति किमी के हिसाब से यात्रा भत्‍ता इन सांसदों को मिलता है.

8  टेलीफोन संबंधी सुविधाएं:

हर सदस्‍य को तीन फोन रखने का अधिकार है. इनमें से एक फोन सांसद के घर पर जरूर होगा. दूसरा इनके दिल्‍ली ऑफिस में और तीसरा खुद सांसद की चुनी हुई जगह या इनके दूसरे आवास पर. तीनों का खर्चा सरकार की ओर से वहन किया जाता है. इन फोन में से हर एक से एक साल में कुल 50,000 लोकल कॉल करने की आजादी है. इसके अलावा हर सदस्‍य को एक MTNL का मोबाइल कनेक्‍शन भी मिलता है. इसी के साथ एक और मोबाइल इन्‍हें मिलता है. ये MTNL या किसी भी प्राइवेट कंपनी का हो सकता है. MTNL या BSNL की ओर से सदस्‍य को 3G सुविधा का भी विकल्‍प मिलता है.

9 पानी और बिजली:

प्रति वर्ष 4000 किलोलीटर पानी और 50,000 यूनिट बिजली सप्‍लाई सांसद के कोटे में बिल्‍कुल फ्री होती है. इनको ये सुविधा इनके सरकारी निवास या निजी भवन में भी मिलती है.

10  स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी सुविधा:

पार्लियामेंट के सदस्‍य को स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी सुविधाओं के नाम पर वह सभी सुविधाएं मिलती हैं जो सेंट्रल गर्वनमेंट हेल्‍थ स्‍कीम (CGHS) के तहत सेंट्रल सिविल सर्विसेज के क्‍लास-1 ऑफीसर को मिलती है.

11  वाहन खरीद के लिए खर्च:

हर सांसद को कोई भी वाहन खरीदने के लिए सरकार की ओर से 4,00,000 रुपये का भुगतान किया जाता है, लेकिन इस रकम को सदस्‍य को हर महीने के वेतन से इंस्‍टॉलमेंट के तौर पर चुकाना होगा.  वह चाहें तो इसको पांच साल में चुका सकते हैं या उससे पहले ही  ज्‍यादा किश्‍तों के साथ चुका सकते हैं.

12  इनकम टैक्‍स सुविधा:

अब यहां बात करें इतना कमाने के बाद इनके इनकम टैक्‍स भरने की तो ‘अन्य स्रोतों से आय’ के तहत इनको अपने वेतन और भत्‍ते पर किसी भी तरह का कोई टैक्‍स भरना नहीं पड़त. । कुल मिलाकर इनका दैनिक भत्ता और निर्वाचन क्षेत्र भत्ता पूरी तरह आयकर से मुक्त है.

13  आवासीय भत्‍ता:

लोकसभा चुनाव में चुने जाने के तुरंत बाद नवनिर्वाचित सांसद के लिए नई दिल्‍ली में स्‍टेट गर्वनमेंट के गेस्‍ट हाउस, होटल या भवन में रहने की व्‍यवस्‍था की जाती है. यहां इनको सभी तरह की सुविधाएं सरकार की ओर से दिलवाई जाती हैं. इसके बाद किसी भी फ्लैट, हॉस्‍टल या बंगले में इनके सपरिवार रहने की व्‍यवस्‍था कराई जाती है. इस जगह का किराया भी सरकार की ओर से मिलने वाले भत्‍ते के अंतर्गत आता है.

वेतन और दैनिक भत्ते के अलावा पूर्व सांसदों को पेंशन के 20,000 रुपए भी मिलते हैं.

नेता जी कार्टून
नेता जी कार्टून, सौ. गूगल

उपर की जानकारी एक ही जगह(storyhow) प्राप्त कर आपको पता लग गया होगा कि एक विधायक और एक सांसद को इतनी सैलरी इसलिए दी जाती है कि वह अपने क्षेत्र का विकास कर सके, न कि खुद का विकास करता रहे मतलब भ्रष्टाचार.

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