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क्या रुपये के गिरने का मतलब समझते हैं आप? आजादी के समय ये थी रुपये की कीमत

रुपये की कीमत गिरती जा रही है, लेकिन क्या इसका अर्थ आपको पता है? ये सवाल ज़रूरी है. लोग आपस में बात तो करते हैं रुपये गिरने की, लेकिन इसका सही अर्थ कम ही लोगों को पता होता है. आज हम आपको बताते हैं कि आखिर किसी भी देश की करंसी कमजोर होने का अर्थ क्या है.

साफ सीधे शब्दों में समझाएं तो अगर किसी भी देश की करंसी कमजोर हो रही है तो उसका सबसे बड़ा असर महंगाई पर पड़ेगा. मसलन अगर रुपया कमजोर हो रहा है तो महंगाई बढ़ेगी. इस सिलसिले में करेंसी एक्सपर्ट सुब्रमण्यम के मुताबिक रुपया कमजोर होने से महंगाई बढ़ सकती है. कच्चे तेल का इंपोर्ट होगा महंगा तो महंगाई भी बढ़ेगी. ढुलाई महंगी होगी तो सब्जियां और खाने-पीने की चीज़ें महंगी होंगी. वो आगे बताते हैं कि डॉलर में होने वाला भुगतान भी भारी पड़ेगा. इसके अलावा विदेश घूमना महंगा होगा और विदेशों में बच्चों की पढ़ाई भी महंगी होगी.

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अब आप समझ गए होंगे कि रुपये गिरने का मतलब होता क्या है. चलिए बात रुपये पर हो रही है तो थोड़ा रुपये के इतिहास पर जाते हैं कि आजादी के वक्त रुपये की वैल्यू थी क्या?

एक ज़माने में रुपया डॉलर को ज़बरदस्त टक्कर दिया करता था. जब भारत 1947 में आज़ाद हुआ तो डॉलर और रुपये का दम बराबर का था. मतलब एक डॉलर बराबर एक रुपया. तब देश पर कोई कर्ज़ भी नहीं था. लेकिन 1951 में पहली पंचवर्षीय योजना लागू हुई तो सरकार ने विदेशों से कर्ज लेना शुरू किया और फिर रुपये की साख भी लगातार कम होने लगी.

जानकारी के मुताबिक 1975 तक आते-आते तो एक डॉलर की कीमत 8 रुपये हो गई और 1985 में डॉलर का भाव हो गया 12 रुपये. 1991 में नरसिम्हा राव के शासनकाल में भारत ने उदारीकरण की राह पकड़ी और रुपया भी धड़ाम गिरने लगा. और अगले 10 साल में ही इसने 47-48 के भाव दिखा दिए.

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बात अगर मौजूदा वक्त की, की जाए तो आज रुपया अब तक के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है.बाजार में रुपये की कीमत 72.78 के स्तर पर पहुंच गई है. इस सब को देख पीएम नरेंद्र मोदी के उस भाषण की याद आ रही है जो उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते दिया था. उन्होंने कहा था कि “आज देखिए, रुपये की कीमत जिस तेज़ी से गिर रही है और कभी-कभी तो लगता है कि दिल्ली सरकार और रुपये के बीच में कंपीटीशन चल रहा है, किसकी आबरू तेज़ी से गिरेगी. देश जब आज़ाद हुआ तब एक रुपया एक डॉलर के बराबर था”.

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