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ओखला बर्ड सैंक्चुअरी नोएडा कैसे और कब जाएं -जानें यहां

हरियाली और ताज़ा तरीन हवा का लेना है मज़ा तो चलें आएं नोएडा स्थित ओखला बर्ड सैंक्चुअरी जहां आपको दिखेंगे खूबसूरत और प्राकृतिक दृश्य। यहां देंगे अद्भुत और दुर्लभ प्रजाति के पक्षी और पौधे। जान लीजिये इस सैंक्चुअरी का इतिहास और कैसे और कब करें जानें का प्लान ।  

ओखला बर्ड सैंक्चुअरी ओखला बराज के पास स्थित है। ये जगह शहर के शोरगुल और भीड़ से काफी दूर बसा है। इस सैंक्चुअरी में आपको पक्षियों के 320 से ज्यादा प्रजाति देखने को मिलेंगी साथ ही पेड़ पौधों की 188 प्रजातियां का इस सैंक्चुअरी में बसेरा हैं। अगर आप नेचर लवर है और बर्ड वाचिंग आपको अच्छा लगता है तो ये जगह आपके लिए बिलकुल परफेक्ट है। इस सैंक्चुअरी में आपको चिड़ियों की कुछ ऐसी दुर्लभ प्रजातियां दिखेंगी जिनका अस्तित्व ख़त्म होने के कगार पर है। इस सैंक्चुअरी के चारों तरफ बहुत सुन्दर हरियाली दिखाई देती है और इसकी खूबसूरती प्राकृतिक है ।  

संक्षेप इतिहास

1990 में उत्तर प्रदेश की सरकार ने 3.5 स्क्वायर किलोमीटर की ज़मीन को बर्ड सैंक्चुअरी बनाने अलॉट किया था। ये एरिया यमुना नदी के यूपी में प्रवेश करने वाली जगह पर ही स्थित है। इस सैंक्चुअरी की सबसे मुख्य विशेषता है यहां स्थित एक बड़ा सा तालाब जो ओखला गांव और गौतम बुद्ध नगर के बीचो बीच बनाया गया है। उत्तर प्रदेश स्थित 15 बर्ड सैंक्चुअरी में से एक ओखला भी है। ओखला बरेज के आस पास का इलाका हमेशा से उन लोगों का प्रिय रहा है जिन्हें चिडियों को देखने का शौक होता है और जिन्हें बर्ड वॉचर भी कहते हैं। ये जगह 1874 में बने आगरा कनाल वक़्त से ही काफी लोकप्रिय रहा है। इस जगह के बारे में मेजर जनरल H. P. W हटसन ने साल 1943 से 1945 तक अपने सर्वे में रिकॉर्ड किया था। वही ms उषा गांगुली ने भी इस जगह पर एक किताब लिखी जो दिल्ली में पाए जानेवाले चिड़ियों के लिए एक गाइड किताब है। 1986 में इस जगह पर बैराज और तालाब बनने से चिड़ियों को देखने का क्रम यहां लगातार बढ़ता रहा।

कैसे जाया जा सकता है ओखला बर्ड सैंक्चुअरी

ओखला बर्ड सैंक्चुअरी जाने के लिए आप मथुरा रोड नेशनल हाईवे 2 ले सकते है वाया सरिता विहार जो नोएडा के तरफ जाती है। सैंक्चुअरी के लिए नज़दीकी मेट्रो स्टेशन होंगे मैजंटा लाइन पर ओखला बर्ड सैंक्चुअरी या फिर ब्लू लाइन पर बोटैनिकल गार्डन स्टेशन जहां से इसकी दुरी मात्र 10 मिनट है यानी लगभग 3 किलोमीटर वाया रोड।

न्यू दिल्ली रेलवे स्टेशन से इसकी दुरी 20 किलोमीटर वाया रोड है वहीं गाज़ियाबाद स्टेशन से लगभग 15. 3 किलोमीटर है। हज़रत निज़ामुद्दीन रेल स्टेशन से इसकी दुरी 10 किलोमीटर है। पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से लगभग 21 किलोमीटर। वही अगर आप कश्मीरी गेट आईएसबीटी से आएं तो 25 किलोमीटर और एयरपोर्ट से लगभग 25 किलोमीटर। ये सभी दुरी वाया रोड से बताई गयी है।

ओखला की मेजर अट्रैक्शन

ओखला बर्ड सैंक्चुअरी ख़ास किस्म के पक्षियों के लिए जानी जाती है। यह जगह सैंकड़ों ऐसे पक्षियों का घर है। यहां आने वाले लोगों को वाइट रम्पड वल्चर ,इंडियन वल्चर ,इनके अलावा बेहद दुर्लभ प्रजाति जैसे बाइकाल टील ,बैर पोचर्ड ,सारस क्रेन ,सोसिएबल लैपविंग,फेरुजीनियस पोचर्ड,ब्लैक बेलिएद टर्न ,ग्रे हेडेड फिश ईगल जैसे दुर्लभ पक्षी नज़र आएंगे। चिड़ियों का जन्नत कहा जानेवाला ओखला बर्ड सैंक्चुअरी में इंडियन स्किनमर ,ब्रिस्टलड ग्रासबर्ड जैसे पक्षियों को देखने का दुर्लभ मौका आपको यहां मिलेगा।

किस दिन जाएं ओखला बर्ड सैंक्चुअरी

ओखला बर्ड सैंक्चुअरी हफ्ते के सातों दिन खुले रहते हैं। गर्मियों के मौसम में आप यहां सुबह 7 बजे से शाम 5. 30 बजे तक जा सकते हैं। वही सर्दियों में आप यहां सुबह 7. 30 बजे से शाम 5 बजे तक जा सकते हैं।

क्या है ओखला बर्ड सैंक्चुअरी की एंट्री फीस

भारतीय ट्रूरिस्ट के लिए एंट्री फीस मात्र 30 रूपए है वही विदेशी सैलानियों के लिए 350 रूपए।

पता –डिविशनल फारेस्ट ऑफिसर ,ओखला बर्ड सैंक्चुअरी ,गौतम बुद्ध नगर फारेस्ट डिवीज़न , ई-1 ,सेक्टर 1,नोएडा 201301

फ़ोन-91 120 242 5989

वेबसाइट –Okhla Bird Sanctuary

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