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नहीं रहे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, ,देश में दौड़ी शोक की लहर

अटल बिहारी वाजपेयी

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का गुरुवार को निधन हो गया। वाजपेयी ने दिल्ली के AIIMS में शाम 5 बजकर 5 मिनट पर आखिरी सांस ली। अटल बिहारी वाजपेयी पिछले लंबे वक्त से यहां भर्ती थे। उनकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टर्स ने उन्हें वेंटिलेटर पर रखा हुआ था।

इससे पहले अटल जी से मिलने राजनीति से जुड़ी तमाम हस्तियां उनका हाल जानने के लिए अस्पताल में पहुंची थी। जिनमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, उप राष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू प्रमुख हैं। श्री अटल जी की मौत के बाद पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है।

जानकारी के अनुसार भाजपा के 93 वर्षीय अनुभवी नेता को किडनी ट्रैक्ट इंफेक्शन, यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन, पेशाब आने में दिक्कत और सीने में जकड़न की शिकायत के बाद 11 जून को एम्स में भर्ती कराया गया था। मधुमेह से ग्रस्त वाजपेयी की एक ही किडनी काम करती है। गौरतलब है कि 2009 में उन्हें आघात आया था, जिसके बाद उन्हें लोगों को जानने-पहचानने सहित कई तरह की समस्याएं होने लगीं। बाद में उन्हें डिमेशिया की दिक्कत हो गई।

गौर हो कि उत्तर प्रदेश में आगरा जनपद के प्राचीन स्थान बटेश्वर के मूल निवासी पण्डित कृष्ण बिहारी वाजपेयी मध्य प्रदेश की ग्वालियर रियासत में अध्यापक थे। वहीं शिन्दे की छावनी में 25 दिसम्बर 1924 कृष्णा वाजपेयी की कोख से अटल जी का जन्म हुआ था। अटल जी की बी०ए० की शिक्षा ग्वालियर के विक्टोरिया कालेज (वर्तमान में लक्ष्मीबाई कालेज) में हुई थी। छात्र जीवन से वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक बने और तभी से राष्ट्रीय स्तर की वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में भाग लेते अटल जी ने डॉ॰ श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पण्डित दीनदयाल उपाध्याय के निर्देशन में राजनीति का पाठ तो पढ़ा ही, साथ-साथ पाञ्चजन्य, राष्ट्रधर्म, दैनिक स्वदेश और वीर अर्जुन जैसे पत्र-पत्रिकाओं के सम्पादन का कार्य भी कुशलता पूर्वक किया था।

                                 

ये हैं उनकी प्रमुख उपल्धियां

  • अटल सरकार ने 11 और 13 मई 1998 को पोखरण में पाँच भूमिगत परमाणु परीक्षण विस्फोट करके भारत को परमाणु शक्ति संपन्न देश घोषित कर दिया। इस कदम से उन्होंने भारत को निर्विवाद रूप से विश्व मानचित्र पर एक सुदृढ वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित कर दिया।
  • 19 फ़रवरी 1999 को सदा-ए-सरहद नाम से दिल्ली से लाहौर तक बस सेवा शुरू की गई। इस सेवा का उद्घाटन करते हुए प्रथम यात्री के रूप में वाजपेयी जी ने पाकिस्तान की यात्रा करके नवाज़ शरीफ से मुलाकात की और आपसी संबंधों में एक नयी शुरुआत की।
  • उन्हीं के कार्यकाल में 1999 में पाकिस्तान के साथ कारगिल युद्ध भी हुआ था। जिसमें भारतीय सेना ने घुसपैठिये के वेष में आये पाकिस्तान के सैनिकों को नाकों चने चवबाये थे। इस युद्ध में प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण भारतीय सेना को जान माल का काफी नुकसान हुआ और पाकिस्तान के साथ शुरु किए गए संबंध सुधार एकबार फिर शून्य हो गए।
  • ऐसा माना जाता है कि अटल जी के शासनकाल में भारत में जितनी सड़कों का निर्माण हुआ इतना केवल शेरशाह सूरी के समय में ही हुआ था।
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