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हमारी अधूरी कहानी -राजीव गांधी और सोनिया गांधी

हमने यूं तो कई प्रेम कहानियां सुनी हैं ,कुछ यादगार तो कुछ कही खो सी गयी। इन प्रेम कहानियों के किरदार भी बड़े इंटरेस्टिंग रहे। इन प्रेम कहानियों में लोग लैला मजनू ,हीर रांझा , रोमियो जूलिएट ,सोनी महिवाल जैसे नाम इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा चुके हैं। लेकिन हमारे देश में कुछ ऐसी भी प्रेम कहानियां हैं जो अपनी मंज़िल तो पायी लेकिन बीच रास्ते में अधूरी रह गयी मगर आज भी लोग शिद्दत से याद करते हैं। हमारे देश के पूर्व प्रधानमंत्री और गांधी घराने के सादगी और शांत स्वभाव वाले राजीव गांधी और उनकी फिरंगी पत्नी और इस वक़्त देश के टॉप राजनेत्री में से एक सोनिया गांधी की प्रेम कहानी भी बहुत फिल्मी रही है। भारत और इटली के इस मिलन पर उस ज़माने में भी कई आपत्तियां उठी थीं मगर कहते हैं न प्यार रोके ना रुके और अपनी मंज़िल ढूंढ ही लेता है।

आज जानिये विस्तार से कैसे हुआ था राजीव गांधी को सोनिया गांधी से पहली ही नज़र का इश्क़। इनके इस प्रेम कहानी की शुरुआत हुई थी कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के एक ग्रीक रेस्टोरेंट वार्सिटी में जहां सोनिया गांधी बतौर पार्ट टाइम वेट्रेस काम करती थी। इसी जगह राजीव गांधी ने उन्हें पहली बार देखा था। सोनिया को देखते ही राजीव गांधी को पहली नज़र का इश्क़ हो गया था। वो सोनिया के लिए दीवाने हो गए थे। उनका दीवानापन कुछ इस कदर था की उन्होंने उस रेस्टोरेंट के मालिक से रिक्वेस्ट कर सोनिया के पास वाली सीट भी ले ली।


इस बात का खुलासा उस रेस्टोरेंट के मालिक ने एक इंटरव्यू के दौरान किया था। यहां तक की राजीव गांधी ने उस सीट के लिए दोगुने दाम दिए। रेस्टोरेंट मालिक का ये कहना था की उस दौर में इस तरह का दीवानापन और प्यार उन्होंने पहले कभी नहीं देखा जो सिर्फ किताबों तक ही रह जाती हैं।

प्यार में दीवाने हो चुके राजीव गांधी ने उसी दिन उस रेस्टोरेंट में एक पेपर नैपकिन पर सोनिया के लिए कविता तक लिख दी और साथ में सबसे महंगी वाइन सोनिया को भेजा था. ज़ाहिर है ऐसा तोहफा देख सोनिया मना कर ही नहीं पायीं। राजीव गांधी ने एक इंटरव्यू के दौरान ये भी कहा था की सोनिया को पहली बार देखते ही उन्हें समझ आ गया था जी यही वो लड़की है जो उनके लिए परफेक्ट है। सोनिया काफी मिलनसार है और कुछ भी छुपाती नहीं है। सोनिया की यही क्वालिटीज़ राजीव गांधी के दिल में जगह कर गयी। धीरे धीरे ये दोनों यूनिवर्सिटी में मिलने लगे और इनकी मुलाकातों का ये सिलसिला बढ़ने लगा। लगभग तीन सालों तक ये दोनों यूंही मिलते रहे।

राजीव जहां देश के बड़े घराने से ताल्लुक रखते हैं वही सोनिया इटालियन मूल की हैं और उनका नाम असल एडविग एंटोनिया अलबिना मायनो है और वो एक बहुत ही साधारण से फैमिली से आती हैं। वैसे ये बताया जाता है की राजीव गांधी की मां इंदिरा गांधी को राजीव के लिए कपूर खानदान की बेटी और राज कपूर की बेटी से कराना चाहती थी मगर किस्मत को कुछ और ही मंज़ूर था। दरअसल कपूर खानदान और गांधी परिवार में काफी सालों से दोस्ती रही थी और इस रिश्ते के साथ वो दोस्ती को रिश्तेदारी में बदलना चाहते थे।

सोनिया भी राजीव से बहुत प्यार करती और उनके लिए सोनिया का दीवानापन इस बात से साफ़ हुआ जब उन्होंने अपने इस रिश्ते के बारे में चिट्ठी लिखकर अपने परिवारवालों को बताया। वैसे आपको जानकर बहुत अच्छा लगेगा की सोनिया गाँधी ने अपने इस चिट्ठी में राजीव गाँधी के बारे में क्या लिखा। उन्होंने अपने परिवारवालों को ये बताया की उन्हें एक भारतीय लड़के से प्यार हो गया है जो एक स्पोर्ट्सपर्सन है उसकी नीली आंखें हैं जिसका सोनिया को हमेशा से इंतज़ार था।

साल 1968  में सोनिया पहली बार इंडिया आयी लेकिन वो गांधी हाउस में नहीं बल्कि बच्चन फैमिली के यहां रुकी थी। उस वक़्त इंदिरा गांधी देश की पीएम थी और इस वजह से सोनिया को बच्चन हाउस में रखा गया था।


बच्चन और गांधी परिवार के बीच दोस्ती राजीव गांधी और सोनिया गांधी के रिलेशनशिप को आगे ले गयी। यहां तक की खुद अमिताभ सोनिया को रिसीव करने पहुंचे थे। अमिताभ बच्चन की मां ने इनके बीच एक मीडिएटर का रोल निभाया था। इंदिरा गांधी को इस रिश्ते के लिए मनाने वाली भी तेजी बच्चन ही थी। साल 1969  में राजीव और सोनिया की शादी हुई और सोनिया को 1983 में भारत की नागरिकता मिल गयी।

 

आज राजीव गांधी भले ही इस संसार से विदा ले चुके हैं मगर उनका और सोनिया गांधी का ये प्यार हमेशा लोगों के ज़हन में बना रहेगा की कैसे इश्क़ ने सरहदों के पार एक विदेशी को पूरा भारतीय बना दिया और जो आज देश की राजनीती में एक अहम रोल निभाती हैं।

#RajivSonia

 

Bhagyashree

Infotainment Desk

 

 

 

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