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नहीं जानते होंगे आप किन्नरों से जुड़ी ये धारणायें ,कौन है ये किन्नर समाज

By- BHAGYASHREE GUPTA

देश की सर्वोच्च न्यायलय द्वारा LGBT  समुदाय,किन्नरों को उनका हक़ दिया गया और इस फैसले का पुरे देश ने स्वागत किया है। किन्नरों के लिए विशेष रूप से ये फैसला काफी महत्व रखता है।
इस समाज के लोगों के बारे में अक्सर आम जनता के कई सारे सवाल रहता है। आपने इनको किसी शुभ अवसर पर या सड़कों पर ,ट्रैफिक लाइट्स पर या ट्रेन में देखा होगा। लेकिन आपके मन में भी कई सवाल होंगे की आखिर ये किन्नर कहां रहते हैं ,इनके देवी देवता कौन है? इनका विवाह होता है या नहीं ?आइये जानते है इस समुदाय से जुड़ी उन बातों को जिससे शायद आप अवगत नहीं होंगे।

किन्नरों को मिला है प्रभु श्री राम से आशीर्वाद

ये बात आप नहीं जानते होंगे की इस समाज को भगवान श्री राम की कृपा प्राप्त है।  भगवान श्री राम 14  वर्षों के लिए वनवास काटने निकले थे तब उनके राज्य की प्रजा और किन्नर समुदाय भी उनके पीछे चल  पड़ा था। प्रभु ने तब उन्हें वापस लौटने को कहा था। उसके बाद जब भगवान श्री राम ने लंका पर विजय हासिल कर ली और वह घर लौटे तब उन्होंने देखा की सभी लोग जा चुके थे मगर किन्नर समुदाय वही उनका इंतज़ार कर रहा था। इसी भक्ति को देख प्रभु ने किन्नरों को विशेष वरदान दिया की किन्नरों का आशीर्वाद हमेशा फलित होगा और इसीलिए इनकी दुआ बहुत काम करती हैं। आज भी शुभ कार्यों में किन्नरों का आगमन शुभ होता है।

किन्नर समुदाय के भी हैं गुरु

इस समाज में भी शिष्य गुरु की परम्परा है। इस समुदाय का गुरु भी स्वयं जन्म से किन्नर होता है। ऐसा माना जाता है की गुरु को ये बात पता चल जाता है की उनके कौन से शिष्य की मृत्यु कब होगी। वैसे इस समुदाय के मृत्यु के बाद की क्रिया भी काफी अलग है। कहा जाता है की किन्नर के देहांत के बाद उसकी अंतिम शव यात्रा दिन में नहीं बल्कि रात में निकाली जाती है। देश में होने वाले ऐतिहासिक कुम्भ मेले में भी किन्नर समुदाय शामिल होता है। साधुओं के अखाड़े के अलावा किन्नरों का भी एक अलग अखाड़ा है।

किन्नर समुदाय भी रचाते हैं विवाह

इस समाज में भी नए सदस्य को शामिल करने के लिए कई नियमों का पालन करना पड़ता है। इस समुदाय में नए सदस्य को शामिल करने से पहले नाच गाना और भोज का आयोजन किया जाता है। आम लोगों की तरह ही इस समाज के लोग शादी के बंधन में बंधते है। इस समाज के लोग अपने आराध्य देव अरावन से शादी करते हैं लेकिन इनकी शादी सिर्फ एक दिन के लिए होती है। ऐसा माना जाता है की शादी के अगले दिन किन्नरों के आराध्य देव की मृत्यु के साथ इनका वैवाहिक जीवन समाप्त हो जाता है।

किन्नरों का अंतिम संस्कार

आम लोग आज भी ये नहीं जान पाते हैं की आखिर किन्नर समुदाय में अंतिम क्रिया कैसी होती है और कब होती है। किन्नर अपने परिवार के किसी भी सदस्य की मृत्यु के बाद उसकी अंतिम क्रिया आधी रात को करते हैं ताकि कोई इस क्रिया को देख ना सकें। कहा जाता है की यदि कोई मृत किन्नर का अंतिम संस्कार देख ले तो अगले जन्म में भी उसे किन्नर का ही रूप मिलेगा। मृत किन्नर को कभी जलाया नहीं जाता बल्कि दफनाया जाता है। लेकिन दफनाने के पहले मृत किन्नर को चप्पल से पीटा जाता है। ऐसा करने के पीछे भी एक मान्यता है की चप्पल से पीटने से मृत किन्नर के सारे पापों का प्रायश्चित हो जाता है। किन्नर समाज में किसी भी सदस्य की मृत्यु के बाद उसका मातम नहीं मनाया जाता क्यूंकि इस समाज में ये माना जाता है की मरे हुए किन्नर को नरक जैसे जीवन से मोक्ष मिल गया। किन्नर समुदाय बहुचरा माता की पूजा करते हैं और प्रार्थना करते हैं की अगले जन्म में उन्हें ये रूप ना मिले।

किन्नरों की बद्दुआ कभी ना लें

कभी भी गलती से भी किन्नर समुदाय की बद्दुआ नहीं लेनी चाहिए क्यूंकि अगर ऐसा हुआ तो सारी मुसीबतों का सामना करना पड़ेगा। बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ये कहते हैं की अगर आप किन्नरों को खुश नहीं कर सकते तो उन्हें नाराज़ भी ना करें। शास्त्रों की माने तो अगर कोई किन्नरों का अपमान करें या उनका मज़ाक उड़ाएं तो उस व्यक्ति को अगले जनम में किन्नर बनना पड़ता है। जब भी आपके दुकान या घर पर किन्नर आएं तो उन्हें खाली हाथ ना भेजें। अपने क्षमता अनुसार दान ज़रूर करें।

किन्नरों को इन चीज़ों का दान ना करें

ज्योतिष कहता है की किन्नरों को दान देने से भाग्य सुधरता है। उन्हें अक्षय दान देना सबसे पुण्य होता है। आप अगर अपने घरों में सुख शान्ति चाहते हैं तो कभी भी गलती से किन्नरों को स्टील का बर्तन ,पुराने वस्त्र ,तेल और प्लास्टिक की चीज़ें दान ना करें। ऐसा करने से आपके घर में दुर्भाग्य का आवागमन होगा और घर के सदस्यों के सेहत पर भी असर पड़ता है।

आपके वैवाहिक जीवन को बना सकते है किन्नर सुखी

अगर आपके शादी शुदा जीवन में मुश्किलें आ रहीं हैं तो अपने रिश्ते को सुधारने के लिए आप किन्नरों को श्रृंगार का सामान दान करें। किन्नरों को श्रृंगार का विशेष शौक होता है और उन्हें खुश करने के लिए आप उन्हें सुहाग की चीज़ें दान करें। हमसफर के साथ हो रही मुश्किलें अगर दूर करनी है तो बुधवार के दिन हरे रंग के कपड़े और मेहंदी का दान करना अति शुभ होता है।

धन सम्बन्धी समस्याओं से मिलेगी राहत

अगर आपक खूब मेहनत कर रहे हैं और उसके बावजूद माता लक्ष्मी आप से नाराज़ हैं तो बुधवार के दिन किसी किन्नर के हाथ में पूजा की सुपारी के ऊपर सिक्का रख दान कर दें। ऐसा करने से धन के आगमन में आ रही सभी रुकावट दूर होगी।

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