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Diwali 2018-इस दिवाली मनाये खुशियां पटाखे रहित

दिवाली पर बाजार में कई तरह के पटाखे आते है जो हमारे सेहत के लिए अभिशाप होते है लेकिन फिर भी हम इन पटाखों का प्रयोग करते है और खुद ही अपने-आप को मुसीबतों के जाल में फंसा देते हैं. दिवाली त्यौहार की अपनी एक मान्यता है जिसे पटाखे के शोर से मापा नहीं जा सकता लेकिन कुछ लोग दिवाली की धूम पटाखों के बिना अधूरा समझते हैं और जमकर बम-पटाखे फोड़ते हैं जिससे पर्यावरण और  हम-सब की सेहत  को काफी नुकसान पहुंचता है.

दिवाली त्यौहार खुशियों का त्यौहार होता है लेकिन पटाखे के प्रयोग ने दिवाली त्यौहार के मायने  ही बदल दिया है. आज सभी परिवार को दिवाली में खुशियों की बजाय बीमारियों की सौगात प्राप्त होती है. आपको बता दे की पटाखों के धुएं से दमा, सांस की समस्याएं, हार्ट अटैक, स्ट्रोक, एनिमिया और यहां तक की कैंसर जैसी बीमारियां होने की संभावना बढ़ जाती है. वहीं दूसरी ओर पटाखों के शोर से तनाव, अवसाद, उच्च रक्तपचाप,सुनने में परेशानी, और नींद में परेशानी जैसी समस्याएं होती हैं जो सेहत के लिए काफी हानिकारक हैं.

पटाखों को रंग-बिरंगा बनाने के लिए उनमें रेडियो-एक्टिव और जहरीले पदार्थों का प्रयोग किया जाता हैं. जिनसे जब ये जलाए जाते हैं तो ये पदार्थ हवा के संपर्क में आते हैं जिनसे कैंसर की समस्या बढ़ जाती है और पर्यावरण में पीएम की मात्रा बढ़ जाती हैं जो दमा का कारण बनता है और दमा के मरीजों की समस्याओं को और बढ़ा देती है. इस प्रदूषित हवा से बचने के लिए हमें अपने मूंह पर एक कपड़ा या मास्क पहना रहना चाहिए ताकि ये दूषित टॉक्सिनस हमारी सेहत के साथ खिलवाड़ न कर सके.

चारों तरफ धुआं और स्मोग से आंखों में परेशानी होती है जिससे सर में दर्द होता है और माइग्रेन जैसी समस्याएं भी उत्पन्न होती है. तो अगर आप अपनी दिवाली खुशहाली से मनाने चाहते हैं तो इसके लिए आपकों पटाखे से दूरी बनाए रखनी होगी और अपने रिश्तेदारों को भी पटाखों से दूर रहने की सलह देने होगी क्योंकि देश में पहले ही बहुत प्रदूषण है और दिवाली के दिन ये प्रदूषण डबल हो जाता हैं. इस प्रदूषण को रोकने के लिए हमें अपनी दिवाली खुशहाली के साथ मतलब दियें जलाते हुए मनानी चाहिए और अपने घर को और देश को दिये से सजाकर बुरी ताकतों जैसे प्रदूषण के खिलाफ विजय प्राप्त करनी चाहिए.

तो अगर हमें इस प्रदूषण को रोकना है तो हमें अभी से ही कुछ स्टेप लेने होंगे क्योंकि ये दूषित हवा हमारे साथ-साथ हमारे फ्युचर यानि बच्चों की ग्रोथ को भी अफेक्ट कर रहा हैं. देश में प्रदूषण इतना ज्यादा बढ़ गया है की लोग आज मास्क पहने हुए नजर आते हैं और घर से बाहर जाने से पहले अक्सर अपने मोबाइल में प्रदूषण से जुड़ी जानकारी लेते हैं जिससे वे पहले से ही इन जहरीले पदार्थों से लड़ने में तैयार रहे.

 

Infotainment Desk

 

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