Blogs Khabron se Hatkar

दिल्ली का दिल ‘कनॉट प्लेस’ के बारे में ये बातें जानते हैं आप ?

दिल्ली का कनाॅट प्लेस इस शहर का एक प्रमुख स्थल माना जाता है और यहां हर दिन  लाखों लोग जुटते हैं। ये इलाका दिल्ली के व्यस्तम इलाकों में से एक है ।  इसके आसपास कई बड़े कार्यालय भी स्थित है जिस कारण ये अब दुनिया में सबसे महंगी जगहों के लिस्ट में नौवें स्थान पर है। सीबीआरई द्वारा जारी किए गये एक रिपोर्ट में ये खुलासा हुआ है। 

New Pic of Connaught Place

ग्लोबल प्राइम आॅफिस आॅक्यूपेंसी काॅस्टस 2018 नाम के इस रिपोर्ट में ये साफ कहा गया है कि  दिल्ली के कनाॅट प्लेस में एक वर्ग फुट आॅफिस की जगह का साल भर का किराया 153.26 डाॅलर है जो इसे ये उपाधि देता है।  पिछले साल यानि 2017 में इसे दुनिया के 10वें सबसे महंगा स्थान बताया गया था।  दुनिया में आॅफिस लोकेशन में सबसे महंगी जगह हांगकांग सेंट्रल है  जहां का सालभर का किराया 306.57 डाॅलर है और ये लगातार दुसरे साल हुआ है।     

आइये जान लेते हैं  इस ऐतिहासिक जगह का इतिहास  

कनाॅट प्लेस का नाम ब्रिटेन के रोयल फैमिली के सदस्य ड्यूक अाॅफ कनाॅट के नाम पर ही रखा गया है। कनाॅट प्लेस के मार्केट का डिजाइन डब्यु एच निकोल और टाॅर रसेल ने बनाया था । अपने समये में ये भारत की सबसे बड़ी मार्केट थी। कनॉट प्लेस मार्केट की बनावट घोड़े की नाल की बनावट से काफी मिलता जुलता है। इसका स्ट्रक्चर ब्रिटेन के रॉयल क्रीसेंट से इंस्पायर्ड है। इस जगह को बसाने की प्लानिंग वास्तुविद एच निकोलस ने की थी। इस इलाके को माधोगंज गांव के नाम से जाना जाता था। इतिहास बताते हैं की ये गांव जयपुर के महाराज जय सिंह की रियासत का हिस्सा था। इस राजा ने अंग्रेज़ों को ये जगह बतौर उपहार दे दी थी। इसके अलावा बाकी की कुछ जगहों को वहां के स्थानीय लोगों से खरीद लिया गया था। इस बाज़ार को बसाने का एक अहम कारण अंग्रेज़ मेमों का सैर सपाटा भी था। ये एक जंगल जैसा इलाका था जो जंगली गीदड़ जैसे जीवों का आवास बना हुआ था। इसी इलाके में एक प्राचीन हनुमान मंदिर भी है जहां पर दर्शन के लिए लोग पहुंचते। काफी बाद में माधोगंज ,जयसिंघपुरा ,और राजा का बाज़ार जैसे इलाकों को खाली करवाया गया और कनॉट प्लेस बना। यहां रह रहे लोगों को करोलबाग़ भेजा गया। मार्केट तैयार होने के पहले यहां एक रिज था जिसमें कीकर के पेड़ लगे थे। 

कनॉट प्लेस में क्या क्या कर सकते हैं? 

65  सालों के बाद भी ये दिल्ली शहर का एक प्रमुख खरीदारी केंद्र है। लोग यहां अपने परिवार के साथ आना पसंद करते हैं। यहां दो सर्किल है जिसके इनर में लगभग आपको सभी बड़े ब्रांड के शोरूम मिल जाएंगे। यहां आपको रेस्तरां ,बार ,किताब की दुकानें भी मिलेंगी। कनॉट प्लेस से कुछ दूरी पर सेंट्रल पार्क है जहां आप अपने परिवार के साथ जा सकते हैं और वक़्त बिता सकते हैं साथ ही सेंट्रल पार्क के नीचे बसा है पालिका बाजार जहां आप सस्ती और अच्छी शॉपिंग। इस इलाके में आपको खाने के कई अच्छे और थीम वाले रेस्टोरेंट्स मिलेंगे जहां आप अच्छे, लज़ीज़ खाने का मज़ा उठा सकते हैं साथ ही युवाओं के लिए पब्स और लाउन्ज हैं जो देर रात तक मनोरंजन का साधन बने रहते हैं। 

 

/* ]]> */