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Diwali 2018-बच्चों का साथ हो तो दिवाली ख़ास हो

दीवाली और बच्चों का बहुत पुराना नाता हैं. दीवाली का नाम सुनते ही बच्चें बहुत ज्यादा खुश हो जाते हैं. हो भी क्यों न बच्चे भी तो दीवाली के त्यौहार की तरह ही होते है जो दिये के जैसे जगमगाते रहते है और हर घर को अपनी जगमगाहट से रोशन कर देते हैं. वैसे देखा जाए तो दीवाली का त्यौहार बस एक दिन ही आता है और धूम मचाके चला जाता है लेकिन बच्चे पूरे साल ही धूम मचाते रहते है और दीवाली के समय बच्चों की ये धूम डबल हो जाती हैं. जिसे वो पूरी तरह त्यौहार में झौंक देते हैं.

आइए जानते हैं की बच्चों की इस दीवाली को कैसे मनाया जाए जिससे उनकी इस धूम को पटाखे जलाने के अलावा और भी बेहतर कामों में इस्तेमाल किया जाए-

 बच्चें क्रियेटिव होते है और बच्चों कि इस क्रियेटिविटी को दीवाली के समय अच्छे से यूज करना चाहिए. उन्हें घर की डेकोरेशन से रिलेटिड कामों में शामिल करना चाहिए जैसे रंगोली बनाना और पेपर कटिंग करके उनसे अच्छे-अच्छें डेकोरेटिव चीजें बनाना. बच्चें बहुत फुर्तीले होते है तो वो ये काम जल्दी-जल्दी कर सकेंगे. इन सबके अलावा ये बच्चों कि स्कीलज को भी डेवेलप करेगा.

 

हमें अपने आप को पटाखों से दूर रखना चाहिए क्योंकि बच्चें हम से ही सब सीखते हैं ।अगर हम इको-फ्रेंडली दीवाली बनायेंगे तो बच्चें भी बिना पटाखे जलाए दीवाली सेलिब्रेट करेंगे. बच्चें ही देश का भविष्य होते हैं तो हमें हमेशा ये कोशिश करनी चाहिए कि हम अपने भविष्य को दुख की जगह खुशियों से संजोकर रखें.

 

बच्चों को दीवाली से रिलेटिड कथाएं सुनाए क्योंकि बच्चें बहुत जिज्ञासु होते हैं उन्हें हमेशा चीजों को जानने की जिज्ञासा रहती हैं बच्चों कि इस जिज्ञासा को ध्यान में रख हमें कथाओं से रिलेटिड उनके सभी प्रश्नों का जवाब देना चाहिए क्योंकि यहीं से ही वे सब सीखते हुए आगे बढ़ते हैं.

 

दीवाली के दिन बच्चों को वेस्टर्न कपड़े के बजाय इंडियन वियर ही पहनाना चाहिए क्योंकि यह हिंदुओं का सबसे बड़ा त्यौहार है और इसे हिंदु रीति रिवाजों के साथ मनाया जाए तो ज्यादा बेहतर हैं क्योंकि इससे बच्चें अपनी संस्कृति के करीब आते हैं और संस्कृति से जुड़ी बातों को जान पाते हैं.

 

हो सके तो बच्चों द्वारा गरीबों को मिठाई और गरीब बच्चों को कपड़ों का दान करवाना चाहिए क्योंकि आज देश में इंसानियत की बहुत कमी है और इस कमी को देश के भविष्य यानि बच्चे ही पूरा कर सकते हैं जब वे बचपन से सबको एक-समान की भावना से देखना सीखते हैं.

बच्चों के साथ बच्चों वाले गेमस जैसे पासिंग द पार्सल, म्यूजिकल चेयर, डम शेराज़ खेले जाने चाहिए क्योंकि इस एक दिन ही सही बच्चें अपने परिवार वालों का बचपन देख पाएंगे. बच्चों के साथ बच्चा बनने में आपको को भी खूब मजा आयेगा.

सबसे जरुरी बात, आजकल सभी लोग भाग-दौड़ में लगे हुए हैं जिसक चलते हम बच्चों पर अक्सर अपना गुस्सा निकाल देते हैं तो हमें यह ध्यान में रखना है की हम बच्चों पर गुस्सा ना करें क्योंकि ये गुस्सा बच्चों कि रंगीन दीवाली को फीका कर सकता है. दीवाली पर ही नहीं हमें हमेशा इस बात का ध्यान रखना है की हमारे वजह से बच्चों पर कोई बुरा असर ना पड़े.

तो यह है कुछ एेसी बातें जिससे हम अपने बच्चों को एक रंगीन और प्यारी दीवाली की सौगात दें सकते हैं।

 

Infotainment Desk

 

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