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सावन में लाएं पारद शिवलिंग,जानें इसके पूजा करने के फायदे

आषाढ़ महीना के ख़त्म होते ही सावन का महीना यानि भगवान शिव का महीना शुरू हो जाएगा। हिन्दू शास्त्रों और पुराणों में कहा गया है की सावन का महीना भगवान शिव को अति प्रिय है और ये महीना उनको ही समर्पित है। इसी कारण वश सावन में शिव भक्तों का उत्साह चरम पर होता है। इस महीने में लोग भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए विभिन्न उपाय करते हैं। अगर आप भी आनेवाले सावन महीने में भगवान शिव को प्रसन्न करना चाहते हैं तो अपने घर के मंदिर में पारद धातु की शिवलिंग को लाएं और स्थापना करें। इस धातु के शिवलिंग पूजन से इसका फल और भी अधिक सिद्धिदायी हो जाता है। कहा जाता है की सावन में पारद शिवलिंग की पूजा से सभी इच्छाएं पूरी हो जाती हैं। प्राचीन पुराणों में पारद एक सिद्ध धातु माना जाता है। वही शिवपुराण में इसे भगवान शिव का वीर्य बताया गया है जिससे सभी जीवों की उत्पत्ति होती है।


इस शिवलिंग को स्थापित करने के लिए किसी विशेष प्राण प्रतिष्ठा की ज़रूरत नहीं होती। सिर्फ इसके दर्शन से भक्तों की इच्छा पूरी होती है। इनके पूजा अर्चना से मनुष्य को अच्छा स्वास्थ्य और धन यश की प्राप्ति होती है।
पारद धातु का संबंध शिव से जुड़ा होने के कारण इसका काफी महत्व है। सावन के महीने में इस शिवलिंग की पूजा से सभी तरह के तंत्र मंत्र का बुरा प्रभाव कट जाता है और ऐसा कहा जाता है की जो भी भक्त पारद शिवलिंग को पूजता है उसे किसी से डरने की ज़रूरत नहीं क्यूंकि उसकी रक्षा स्वयं महाकाल और महाकाली करते हैं।

सावन में अगर आपको पारद शिवलिंग के दर्शन ही हो जाये तो वो पुण्य की प्राप्ति है। परिवार में सुख और शान्ति बनी रहती है। मनुष्य को जीवन में किसी चीज़ की कमी नहीं रह जाती और ना ही कोई भय सताता है। इस शिवलिंग को मात्र छूते ही लगता है की सारी दैवीय शक्ति शरीर में समा गई है।

आइए बताते है की कैसे सावन में पारद शिवलिंग की पूजा करनी चाहिए। सबसे पहले सीधे हाथ के तरफ दीपक जलाएं और हाथ में थोड़ा जल और फूल लेकर महामृत्युंजय मंत्र का तीन बार जप करें और शिवलिंग पर अर्पित करें। रोज़ाना ऐसे पूजा करने से लम्बी आयु और आरोग्य जीवन की प्राप्ति होती है। माना जाता है की अन्य धातु की शिवलिंग के अपेक्षा में पारद शिवलिंग की पूजा हज़ारों गुना अधिक फलदायी है ।  इस शिवलिंग की पूजा करने से धन वैभव से जुड़े समस्या या फिर परिवार ,स्वास्थ्य और आपके जीवन में आनेवाली छोटी सी छोटी मुश्किल का भी अंत होता है। हिन्दू पुराणों में कहा गया है की इस पारद शिवलिंग में पुरे ब्रह्माण्ड का समूचा ज्ञान समाया हुआ है।

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