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बर्थडे स्पेशल- बॉलीवुड का मोंगैंबो, जिससे असल ज़िंदगी में भी खौफ खाते थे लोग

लंबा चौड़ा क़द, रौबदार आवाज़, डरावने गेटअप और दमदार शख़्सियत के ज़रिए सालों तक फ़िल्म प्रेमियों के दिल में ख़ौफ़ पैदा करने वाले अभिनेता अमरीश पुरी यानि बॉलीवुड के मोंगैंबो का आज 85वां जन्मदिन है। अपनी दमदार एक्टिंग के दम पर अमरीश पुरी हीरो को भी पीथे छोड़ दिया करते थे। उनके जन्मदिन पर जानते हैं उनसे जुड़ी कुछ खास बातें।

बॉलीवुड के सबसे सफल खलनायक

बॉलीवुड में गब्बर के बाद दूसरे सबसे सफल खलनायक के तौर पर अमरीश पुरी आज भी लोगों के ज़हन में जिंदा है। अपनी एक्टिंग से लोगों के दिलों में जगह बनाने वाले अमरीश ने अपने जीवन में कड़ी मेहनत कर सिल्वर स्क्रीन पर अपनी छाप छोड़ी थी। अमरीश पुरी का जन्म 22 जून 1932 को नवांशहर जलंधर, पंजाब में हुआ था।

जब स्क्रीन टेस्ट में फेल हो जाते थे पुरी

अमरीश पुरी शुरुआती दौर में अक्सर स्क्रीन टेस्ट में फेल हो जाया करते थे। एम्प्लॉइज स्टेट इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन में काम करने के साथ उन्होंने पृथ्वी थिएटर में काम करना शुरू किया। सत्यदेव दुबे के नाटकों ने उन्हें खूब प्रसिद्धि दिलाई और 1979 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

बस इसके बाद से ही विज्ञापनों और फिल्मों ने उनके लिए अपने दरवाजे खोल दिए। अमरीश पुरी ने अपने फिल्‍मी करियर की शुरूआत वर्ष 1971 की फिल्‍म ‘प्रेम पुजारी’ से की थी। इस फिल्‍म में उनका रोल बहुत छोटा था। इसके बाद उन्‍होंने फिल्‍म ‘रेशमा और शेरा’ में अमिताभ बच्‍चन के साथ काम किया था। अंतरराष्ट्रीय फिल्मों में उन्होंने गांधी फिल्म में खान की भूमिका निभाई थी।

मोंगैंबो खुश हुआ

वर्ष 1987 में आई शेखर कपूर की फिल्‍म ‘मिस्‍टर इंडिया’ में उनके ‘मोंगैंबो’ की खलनायकी भूमिका ने दर्शकों को उनका दीवाना बना दिया। ‘मोंगैंबो खुश हुआ’ के डायलॉग के साथ अभिनेता अमरीश पुरी ने अपनी कड़क और रौबदार आवाज से बॉलीवुड में खलनायकी को एक नई पहचान दी। रंगमंच से बडे़ पर्दे पर जलवा बिखेरने वाले अमरीश पुरी ने लगभग 250 से ज्यादा फिल्में सिनेमा जगत को दी.. अमरीश पूरी हालांकि आज हमारे बीच नहीं है। उनका निधन 12 जनवरी, 2005 को 72 साल की उम्र में हो गया था। लेकिन आज भी कई फिल्मों के जरिए वो अपने दर्शकों के दिल में जिंदा है। मौंगेबो जैसा खलनायक बॉलीवुड को शायद ही फिर कभी कोई मिले।

 

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