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अब नहीं रहे ‘अटल’, राजनीति के माहिरों ने ऐसे जताया दुख

अटल बिहारी

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का गुरुवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उन्होंने 5 बजकर 5 मिनट पर आखिरी सांस ली। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री के निधन पर मौजूदा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट कर दुख जताया है। उन्होंने लिखा है मैं नि:शब्द हूं, शून्य में हूं, लेकिन भावनाओं का ज्वार उमड़ रहा है। हम सभी के श्रद्धेय अटल जी हमारे बीच नहीं रहे। अपने जीवन का प्रत्येक पल उन्होंने राष्ट्र को समर्पित कर दिया था। उनका जाना, एक युग का अंत है। लेकिन वो हमें कहकर गए हैं- “मौत की उमर क्या है? दो पल भी नहीं, ज़िन्दगी सिलसिला, आज कल की नहीं मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूं, लौटकर आऊँगा, कूच से क्यों डरूं?” अटल जी आज हमारे बीच में नहीं रहे, लेकिन उनकी प्रेरणा, उनका मार्गदर्शन, हर भारतीय को, हर भाजपा कार्यकर्ता को हमेशा मिलता रहेगा। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे और उनके हर स्नेही को ये दुःख सहन करने की शक्ति दे। ओम शांति !

 प्रधानमंत्री मोदी के अलावा कवि कुमार विश्वास ने भी ट्वीटर पर श्रद्धांजलि देते हुए लिखा है भारतीय राजनीति की उत्सव-मूर्ति, समावेशी विचार विश्वविद्यालय के कुलाधिपति, अजातशत्रु, कविकुलभूषण, अभूतपूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी  को अंतिम प्रणाम

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इसे देश के लिए एक क्षति करार देते हुए लिखा है, कि मैं दुखी हुं ये भारत के लिए एक बहुत बड़ी हानि है।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी अपनी दुख जताते हुए लिखा है आज भारत ने एक महान बेटा खो दिया। पूर्व प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी, लाखों लोगों से प्यार करते थे और सम्मान करते थे। अपने परिवार और उसके सभी प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदना। हम उसे याद करेंगे। 

 

भारतीय राजनीति के मस्तिष्क के निधन पर गहराई से दुखी और पिताजी हम सभी को समझते हैं, श्रीमान। अटल बिहारी वाजपेयी जी। उन्होंने भारतीय राजनीति में एक बड़ा शून्य छोड़ा है, जो आने वाली उम्र के लिए भविष्य की पीढ़ी भरने के लिए संघर्ष जारी रखेगी! हम उसे याद करेंगे।

काल के कपाल पर लिखा-मिटाया भी, गीत नया गाया भी। कितने कार्यकर्ता ऐसे हैं जिनको प्रेम दिया, मार्गदर्शन दिया; कितने इतिहास के पन्ने हैं जिन पर नाम हैं उनका। अटल जी अमर हैं।

 

 

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