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‘निपाह वायरस’ को लेकर देश के कई राज्यों में अलर्ट

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केरल के कोझिकोड़ जिले में ‘निपाह वायरस’ फैलने की घटना के बाद अब देश के विभिन्न राज्यों में इसके फैलने  की आशंका भी लगातार बढ़ती जा रही है। जिसके चलते जम्मू-कश्मीर, गोवा, गुजरात, राजस्थान, तेलंगाना समेत कई राज्यों की सरकार ने बीमारी को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। हांलाकि, राज्य सरकारों ने दावा किया है, इस बीमारी की रोकथाम के स्वास्थ व्यवस्था पुख्ता कर दी गई है।

दरअसल, केरल के बाद हिमाचल के एक सरकारी स्कूल में लगभग 20 से अधिक चमगादडों की संदिग्ध मौत की खबर सामने आयीं थी। हालांकि, अभी की मौत के कारणों का ठीक से पता नहीं चल पाया है। लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि, इन चमगादड़ों की मौत की वजह निपाह वायरस ही है। घटना के सामले आने के बाद इलाके में दहशत फैली हुई हैं। वहीं स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ जिला अध्यक्ष भी घटना का मुआयना करने पहुंचे और स्वास्थ विभाग को जल्द से जल्द मामले की पड़ताल कर हल निकानले का निर्देश दिया।

WHO  की मानें तो निपाह वायरस एक ऐसा वायरस है जो जानवरों से इंसानों में फैल सकता है। इस वायरस का मुख्‍य स्रोत चमगादड़ है जो फल खाते हैं। ऐसे चमगादड़ों को “फ्लाइंग फोक्स” के नाम से भी जाना जाता है। इसके संक्रमण के बाद बीमारी को बढ़ने से नहीं रोका गया तो 24 से 48 घंटे में मरीज कोमा में जा सकता है और उसकी मौत हो सकती है।

गौरतलब है कि, निपाह वायरस दुनिया में सबसे पहले 1998 में मलेशिया के कांपुंग सुंगई निपाह गांव में फैला था। इसलिए इसका नाम निपाह वायरस पड़ा। संक्रमित होने वाले ग्रामीण सुअर पालते थे। उसके बाद 2004 में बांग्लादेश, थाईलैंड, कंबोडिया, फिलीपिन्स, मलेशिया जैसे देशों में आया था।

क्या है इसके लक्षण ?

-धुंधला दिखना

-चक्कर आना

-सिर में लगातार दर्द रहना

 -सांस में तकलीफ

 -तेज बुखार

कैसे करें बचाव ?

पेड़ से गिरे हुए फल न खाएं। जानवरों के खाए जाने के निशान हों तो ऐसी सब्जियां न खरीदें। जहां चमगादड़ अधिक रहते हों वहां खजूर खाने से परहेज करें। संक्रमित रोगी, जानवरों के पास न जाएं।

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