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मजबूत कहानी और ज़बरदस्त एक्टिंग है विश्वरूपम 2-फिल्म रिव्यु

कुछ सालों पहले एक्टर कमल हासन एक फिल्म लेकर आये थे विश्वरूपम जिसमें ग्लोबल टेररिज्म को दर्शाया गया था। फिल्म को कई सारे विवादों से होकर गुज़ारना पड़ा था और अब इस साल इसका दूसरा पार्ट विश्वरूपम 2  आया है।
आइए जानते हैं इसका एक क्विक रिव्यु –
ये फिल्म एक बेहतरीन कमर्शियल फिल्म है जिसकी कहानी टेररिज्म के बैकड्रॉप पर आधारित है साथ ही मज़बूत स्क्रीनप्ले दर्शकों को बांधे रखती है। फिल्म के ज़रिये दिया गया मैसेज बहुत ही साफ़ तरीके से पहुंचता है। इस फिल्म की कहानी शुरू होती है पार्ट 1  के आगे से। रॉ एजेंट मेजर विसाम अहमद यानी कमल हासन अपने साथ घटित सभी पलों के फ्लैशबैक में जाते दिखते हैं जिससे दर्शकों को पार्ट के बारे में जानकारी मिल सके।

विसाम के पुराने दोस्त रहे जगन्नाथ यानी शेखर कपूर ,एजेंट एंड्रिया और पत्नी निरुपमा उनके साथ होते हैं। टेररिस्ट ओमार यानी बोस और सलीम यानी जयदीप अहलावत यूएसए के बाद अब भारत और लंदन में एक बड़ा घटना को अंजाम देने के फिराक में होते हैं जिस साज़िश में एक ब्यूरोक्रेट भी उनके साथ देता है। ये साज़िश आपको फिल्म में फ्लैशबैक में दिखाई देगी वही इस साज़िश को लेकर किये जा रहे रिसर्च के काम को आप फिल्म के इस दूसरे भाग में देख पाएंगे।

फिल्म की कहानी को बेहतरीन तरीके से पेश किया गया है क्यों की फिल्म का पहला हाफ ख़त्म होते ही आपको इसके आगे के लिए बेसब्री हो जाएगी। मगर फिल्म का सेकंड हाफ थोड़ा ढीला महसूस होता है बावजूद इसके फिल्म की पकड़ मजबूत है और वही क्लाइमैक्स टिपिकल फिल्मी एक्शन से भरपूर है।
एक्टिंग की बात हो तो बिना किसी शक के ये कमल हासन की एक बेमिसाल फिल्म मानी जा सकती है। इस बार उन्होंने खुद के किरदार काफी अंडर थे लाइन रखा है मगर उनकी एनर्जी और इमोशन्स सीन में जान डालने का काम करते हैं।

फिल्म का संगीत अगर देखें तो फिल्म में एक ही सीटुएशनल सांग है बाकी और कोई गाना नहीं ह जिससे ये एक्शन थ्रिलर फिल्म और भी शानदार बन जाती है। फिल्म के डायरेक्शन में भी कमल हासन शानदार रहे हैं। ये फिल्म अपने पहले पार्ट के काफी बाद आयी है मगर ज़बरदस्त तरीके से आयी है और इस हफ्ते ये फिल्म ज़रूर देखें।

इस फिल्म को हम पांच में से साढ़े तीन स्टार देंगे।

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