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13 जुलाई को साल का दूसरा सूर्य ग्रहण,किन राशियों पर होगा इसका बुरा असर और क्या हो उपाय ? सब कुछ जानें यहां

हमारे देश मे ग्रहण और उससे जुड़ी कई तरह की मान्यताएं और कथाएं बताई गयी है। लोग ग्रहण लगने पर तरह तरह के भ्रम भी पालते हैं और उनका निर्वाहन करते है। वैसे इस महीने यानी जुलाई में दो ग्रहण लगने जा रहे हैं जिसमें एक सूर्य ग्रहण और दूसरा चंद्र ग्रहण। 13 जुलाई शुक्रवार को सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है जो की वर्ष का दूसरा सूर्य ग्रहण है। हालांकि भारत में ये नहीं देखा जा सकेगा मगर भारतीय समय अनुसार सूर्य ग्रहण सुबह 7 बजकर 18 मिनट से शुरू होगा जो 8 बजकर 13 मिनट और 5 सेकंड तक प्रभावी रहेगा। हिन्दू शास्त्रों के अनुसार ग्रहण काल में सूतक के कुछ विशेष नियम है जिसपर ध्यान देना अति आवश्यक माना जाता है।

कल लगने वाले इस इस ग्रहण के पहले जान लीजिये सूतक के समय और किन चीज़ों को करने से इस दौरान क्या फल मिलेगा ?सबसे पहले जान लीजिये सूतक क्या है ?

हिन्दू धर्म शास्त्रों में सूतक के समय को अशुभ मुहूर्त मानते हैं। कहा जाता है की इस समय में कोई भी मंगल या शुभ काम नहीं किया जाता या करना चाहिए। सूतक लगने पर घर के मंदिरों और बाहर मंदिरों के पट बंद कर दिया जाता है। भगवान के दर्शन नहीं करने दिए जाते है। खाने पीने पर भी पाबंदी होती है। यहां तक की ग्रहण के समय बाहर निकलने और उसे देखने से भी मना किया जाता है। धार्मिक नियमों के अनुरूप ग्रहण से 12 घंटे पहले ही सूतक समय लग जाता है।

ग्रहण समय में क्या करना चाहिए –

ग्रहण लगते ही सभी को मंत्रो का उच्चारण करना चाहिए,भगवान को बिना छुए पूजा पाठ करना चाहिए।
ग्रहण का सूतक समय का समापन होते ही पुनः स्नान करें और साफ़ स्वच्छ कपड़े पहन कर घर के सभी सदस्यों पर पवित्र गंगाजल छिड़के।
ग्रहण के दौरान अपने भगवान या गायत्री मंत्र का निरंतर जाप करें और दीप जलाकर रखें। कहा जाता है की ग्रहण के समय मन्त्रों का जाप सबसे अच्छा फल देता है।

 

ग्रहण के दौरान इन कामों को भूलकर भी ना करें –

इस समय में खाना नहीं बनाना चाहिए या फिर सजना धजना नहीं चाहिए।
गर्भवती महिलाओं के लिए ग्रहण के दौरान विशेष सावधानी बरतने कहा जाता है जैसे उन्हें सब्जी नहीं काटनी चाहिए। कपड़े सिलने नहीं चाहिए या फिर कोई भी ऐसा काम नहीं करना चाहिए जिसमें वो शारीरिक रूप से शामिल हो।
गर्भवती महिलाओं को इस समय एक जगह पर बैठे रहने या लेटने के लिए कहा जाता है और निरंतर मंत्र उच्चारण करने कहा जाता है। ऐसा कहा जाता है की जन्म लेने वाले बच्चे में भी कई शारीरिक दोष आ सकते हैं।
ग्रहण के समय बाहर ना निकलें और ना ही ग्रहण के दर्शन करें।
गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के समय कुछ भी खाना पीना नहीं चाहिए क्यूंकि कहा जाता है की खाने को भी ग्रहण लग जाता है।
ग्रहण समय में गर्भवतियों को चाकू या कैंची जैसे किसी भी धारदार चीज़ को हाथ नहीं लगाना चाहिए , कहते हैं की गर्भ में शिशु के भी अंग कट सकते हैं ।
ग्रहण को देखने पर गर्भवती महिलाओं के लीवर पर भी बुरा असर पड़ता है इससे शिशु के विकलांग होने संभावना होती है।

13 जुलाई को ग्रहण के साथ अमावस्या भी है जो की एक दुर्लभ संयोग बनता है ऐसे में कुछ राशियों पर इसका बुरा असर भी हो सकता है। ज्योतिष विद्वान इससे बचने के उपाय बताते हैं।   सूर्य ग्रहण आद्रा नक्षत्र मिथुन राशि में लगेगा अन्तः इस नक्षत्र से सम्बन्घित राशि वालों के लिए मुश्किल होगा। कहा जा रहा है की कर्क,सिंह और मिथुन राशि पर इस ग्रहण का बुरा प्रभाव पड़ सकता है। बने काम अटक सकते हैं। शारीरिक रूप से कष्ट हो सकता है। आर्थिक मामलों में अत्यंत सावधानी आवश्यकता होगी। वही मेष ,सिंह, कन्या ,वृश्चिक और मकर राशि वालों के लिए यह ग्रहण फायदे वाला होगा। जिन राशियों को ग्रहण से परेशानी हो सकती हैं वो इसके असर से बचने के लिए भगवान भोलेनाथ का जाप करें ,गरीबों में दान पुण्य करें।  ग्रहण के दौरान शिव चालीसा का निरंतर पाठ करें। स्नान कर पूजा करें और ग्रहण के समय तक तुलसी पत्ते का सेवन करें और हर जगह रसोई में तुलसी पत्ते ज़रूर रखें। 13 दिसंबर 1974 के बाद ऐसा पहली बार है जब कोई सूर्यग्रहण शुक्रवार और 13 तारीख के मेल पर पड़ रहा हो। इसके बाद इस मेल पर 13 सितंबर 2080 में सूर्यग्रहण लगेगा।

13 जुलाई को साल का दूसरा सूर्य ग्रहण 

 

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