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बच्ची के साथ बलात्कार के आरोपी को फांसी का एलान, CM शिवराज बोले एतिहासिक फैसला

बच्ची

केन्द्र सरकार द्वारा पोक्सो एक्ट में किये गये बदलाव का असर मध्यप्रदेश के इंदौर में देखने को मिला। जहां,   करीब 4 महीने की एक बच्ची का अपहरण और बलात्कार के आरोपी को घटना के 23वें दिन ही फांसी की सजा का एलान कर दिया।

जानकारी हो कि केन्द्र सरकार ने बीते कुछ महीनों पहले ही पोक्सो क़ानून में संशोधन करते हुए 12 साल से कम उम्र की बच्चियों के साथ बलात्कार करने वालों के खिलाफ मौत की सजा के कानून को मंजूरी दी थी।

इंदौर के इस मामले में जज वर्षा शर्मा ने लगातार सात दिनों तक सात-सात घंटे केस की सुनवाई कर इसे 21वें दिन ही पूरा कर लिया और 23वें दिन फैसला सुना दिया।

अपर सत्र न्यायाधीश वर्षा शर्मा ने अपने आदेश में कहा, “अभियुक्त ने जिस तरह जघन्य और क्रूरतापूर्वक कृत्य किया है, उसे देखते हुए अपराधी को अधिकतम दंड देना उचित है, ताकि समाज में ऐसी घटनाओं की पुरावृत्ति न हो।”

गौर हो कि, इंदौर के राजवाड़ा क्षेत्र में 20 अप्रैल को मासूम अपने माता- पिता के साथ सो रही थी, इसी दौरान सुबह चार बजे अभियुक्त बच्ची को उठा कर ले गया। जिसके बाद उसने बच्ची के साथ बलात्कार किया और फिर उसकी हत्या कर दी। बच्ची का शव  एक बेंसमेंट से मिला था।  बच्ची का शव मिलने के बाद पांच दिन में चालान तैयार कर आठवें दिन उसे पेश कर दिया गया। इस मामले में कुल 29 लोगों की गवाही दर्ज की गई।

इधर आरोपी को फांसी सजा सुलाए जाने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे एक एतिहासिक फैसला करार देते हुए ट्वीट किया कि, मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने पिछले साल 2017 में ही 12 वर्ष से कम उम्र की बच्चियों के साथ दुष्कर्म करने वाले नरपिशाचों के लिए #DeathForRapists विधेयक सर्वसम्मति से पास किया था। इसके पश्चात केंद्र सरकार ने भी अप्रैल में ऐसे लोगों को फाँसी की सज़ा देने का प्रावधान किया।

उन्होंने लिखा है कि, इंदौर ज़िला न्यायालय का यह फ़ैसला इस बिल के तहत लिया गया पहला और एक ऐतिहासिक निर्णय है। इससे ना सिर्फ़ ऐसा कृत्य करने वाले लोगों के मन में डर बैठेगा बल्कि हमारी बच्चियों और महिलाएँ में भी सुरक्षा का भाव जागृत होगा।

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